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राज्यपाल का आदेश: अगले शैक्षिक सत्र से हों छात्रसंघ चुनाव

Tue, 06 Jan 2015 12:45 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 06 Jan 2015 12:45 AM IST
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UP governor backs Student Union Election.

राज्यपाल एवं कुलाधिपति राम नाईक ने सभी विश्वविद्यालयों को अगले शैक्षिक सत्र से छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। यह चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार ही कराने के लिए कहा है। इस संबंध में जो भी कानूनी बाधाएं हैं उसे हर हाल में इसी सत्र में दूर कर लिया जाए।

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उन्होंने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप राजस्थान द्वारा अपनाए गए मॉडल का अध्ययन करने की सलाह दी। इसके तहत वहां एक ही दिन में यूनिवर्सिटी व डिग्री कॉलेजों में चुनाव करवाए गए हैं।
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नाईक ने कहा, इस वर्ष परीक्षा में कोई व्यवधान न हो इसलिए छात्रसंघ चुनाव अब अगले सत्र से ही कराना उचित है। वहीं, कुलपतियों ने यूजीसी के अनुरूप अपना कार्यकाल पांच वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक करने की मांग उठाई। इस बारे में राज्यपाल ने जल्द ही निर्णय लेने की बात कही।
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राज्यपाल सोमवार को राजभवन में आयोजित प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व कुलसचिवों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने उन विश्वविद्यालयों से शैक्षिक सत्र सुधारने को कहा जिनके सत्र पिछड़े हुए हैं। कहा, विश्वविद्यालय 15 जुलाई तक हर हाल में शैक्षिक कैलेंडर घोषित कर दें।

संबंधित संस्‍थाओं से करवाएं मूल्यांकन

UP governor backs Student Union Election.

राज्यपाल ने कहा कि नैक मूल्यांकन में कई विश्वविद्यालयों के परिणाम अच्छे नहीं रहे हैं। वर्तमान में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी एवं सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के ही नैक मूल्यांकन वैध हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, प्रौद्योगिकी व चिकित्सा विश्वविद्यालय भी संबंधित संस्थाओं से मूल्यांकन जरूर कराएं।

इस मौके पर कुलपति और कुलसचिव में समन्वय कैसे हो इस पर भी चर्चा हुई। कहा गया कि आपसी तालमेल बनाए रखने के लिए नियमित बैठक होनी चाहिए। साथ ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच कार्य बंटवारे के स्पष्ट आदेश होने चाहिए। आंतरिक मामलों में कुलपति का निर्णय अंतिम हो।

कुलाधिपति ने कुलपतियों व कुलसचिवों से कहा कि छात्रवृत्ति मामले में पारदर्शिता बरती जाए। बैठक में प्रमुख सचिव राज्यपाल जूथिका पाटणकर, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा कल्पना अवस्थी, राज्यपाल के सचिव चन्द्र प्रकाश व विधि परामर्शी एसएस उपाध्याय भी उपस्थित थे।

सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय को चांसलर अवॉर्ड

UP governor backs Student Union Election.

विश्वविद्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने ‘विजिटर अवॉर्ड’ शुरू किया है। इसी की तर्ज पर राज्य स्तर पर ‘चांसलर अवॉर्ड’ दिया जाएगा। यह प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय को दिया जाएगा।

शैक्षिक सत्र, पढ़ाई का स्तर, नैक मूल्यांकन सहित सभी मानकों में खरा उतरने वाले विश्वविद्यालय को यह अवॉर्ड दिया जाएगा। इसमें छह लाख रुपये देने का प्रस्ताव है। राज्यपाल इसके लिए एक समिति बनाएंगे जो नियम कानून तय करेगी।

देश के टॉप 100 में यूपी के मात्र दो
राज्यपाल ने कहा कि विश्व के टॉप 200 विश्वविद्यालयों में भारत का कोई भी विश्वविद्यालय नहीं है। वहीं, देश के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची में यूपी के मात्र दो संस्थान या विवि हैं।

इनमें सजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ 26वें व चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ 66वें स्थान पर है। टॉप 100 में 70 विवि सरकारी  जबकि 30 निजी क्षेत्र के हैं।

गाउन व टोपी पर भी हुई चर्चा

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दीक्षांत समारोह में पहने जाने वाले गाउन व टोपी पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने कहा, इस समारोह में एकरूपता होनी चाहिए। कहीं पर मेडल गले में पहनाने की व्यवस्था है तो कही पर हाथ में दिए जाते हैं।

कई बार मेडल पहनाने में बच्चों की टोपी गिर जाती है। इस पर कई कुलपतियों ने पुरानी परंपराओं का हवाला दिया। राज्यपाल ने कहा कि इस पर जल्द ही उचित निर्णय किया जाएगा।

कानपुर विवि का मॉडल सराहा

बैठक में कानपुर विश्वविद्यालय के ऑनलाइन मॉडल को सराहा गया। यहां मार्क्सशीट व डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर छात्रों को वह तिथि बता दी जाती है जिस दिन उन्हें इसे दिया जाना है। इसके बाद युवा उस दिन जाकर डिग्री एवं अंकपत्र ले लेते हैं।

बैठक में कानपुर विश्वविद्यालय को इस बारे में प्रजेंटेशन भी देना था लेकिन कुछ कारणों से दिखाया नहीं जा सका। राज्यपाल ने कहा, इसे सभी लोग देख लें। इसके अनुरूप अपने विश्वविद्यालयों में भी काम कर सकते हैं।

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