UP Board: परीक्षा में धांधली रोकने के लिए एक और पहल
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परीक्षा में धांधली और राजस्व को नुकसान न हो इसके लिए यूपी बोर्ड ने एक और कदम उठाया। इस बार जितने स्टूडेंट होंगे उतनी कॉपियां भेजी जाएंगी।
यूपी बोर्ड में इस साल पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर ही कॉपियां परीक्षा केंद्रों को दी जाएंगी। इसके लिए कॉपियों की संख्या भी तय कर दी गई है।
हाईस्कूल में विषयवार प्रति छात्र 6 और इंटर के लिए 10 कॉपियां दी जाएंगी। इसमें ‘ए’ और ‘बी’ दोनों शामिल होंगी। यह कदम परीक्षा में धांधली रोकने के साथ ही बोर्ड के राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए उठाया गया है।
सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रभा त्रिपाठी ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि केंद्र निर्धारण के साथ जिलों को कॉपियां भेजने का सिलसिला शुरू कर दिया जाएगा।
15 दिसंबर तक पहुंच जाएंगी कॉपियां
15 दिसंबर तक जिलों को हरहाल में कॉपियां पहुंचायी जाएंगी। राजकीय इंटर कॉलेजों में इन्हें रखने की व्यवस्था होगी। इन्हें रखने व भेजने का रजिस्टर बनेगा।
उन्होंने कहा है कि राजकीय मुद्रणालय से परीक्षा केंद्रों को सीधे कापियां केंद्रों को नहीं दी जाएंगी। परीक्षा शुरू होने से पूर्व केंद्रों पर 50% अनिवार्य रूप से कॉपियां पहुंचा दी जाएंगी।
पिछले कुछ सालों में छात्र संख्या से अधिक कॉपियां केंद्रों पर पहुंचाई जाती थीं और बाद में वापस मंगाया जाता है। इससे राजस्व का नुकसान होता है।
इस बार इस नुकसान को रोकने की कोशिश की जा रही है साथ है परीक्षा में नकल और धांधली रोकने में भी ये कदम अहम है।