यूपी बोर्डः नकल पर लगेगी लगाम
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नन्हेसिंह स्मारक इंटर कॉलेज में एसोसिएट डीआईओएस के निरीक्षण के बाद फर्जी पंजीकरण की पोल खुल गई है।
अब बारी राजधानी में ज्यादा पंजीकरण कराने वाले दूसरे कॉलेजों की है।
क्षमता से ज्यादा पंजीकरण के मामले में विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है।
इसके बावजूद अब तक किसी कॉलेज ने अपना जवाब दाखिल नहीं कराया है।
यूपी बोर्ड ने नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने तथा फर्जी पंजीकरण रोकने के लिए नौवीं और 11वीं में इस वर्ष ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत की।
नन्हें सिंह कॉलेज में मिला फर्जीवाड़ा
कॉलेजों ने मनमानी तरीके से कक्षा नौ और 11 में स्टूडेंट्स के पंजीकरण कराए हैं। सभी विद्यालयों में एक-एक सेक्शन की मान्यता है।
इस लिहाज से हाईस्कूल में 65 से 99 और इंटरमीडिएट में 80 से 120 स्टूडेंट्स की अधिकतम सीमा है।
इसके बावजूद नन्हें सिंह स्मारक में एक ही क्लास में एक हजार से ज्यादा पंजीकरण हुए।
इसके अलावा बाकी कई कॉलेजों में एक कक्षा में 500 से ज्यादा पंजीकरण हुए हैं।
डीआईओएस ने जारी किया नोटिस
डीआईओएस ने 200 से ज्यादा पंजीकरण करने वाले कॉलेजों को नोटिस जारी कर किया है, जिसका अभी तक किसी ने भी जवाब दाखिल नहीं किया है।
जवाब नहीं देने पर 17 अक्तूबर को एसोसिएट डीआईओएस ने विद्यालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पंजीकृत 3300 छात्रों के मुकाबले केवल 225 स्टूडेंट्स ही मिले।
रिकॉर्ड और रजिस्टर में भी जमकर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। ज्यादातर रिकॉर्ड अधूरा है, जो रिकॉर्ड भरा भी गया है, वह पेंसिल से भरा गया है।
ऐसे में अब नोटिस जारी होने वाले बाकी कॉलेजों के स्थलीय निरीक्षण और कार्रवाई की तैयारी हो रही है।