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एग्जाम सेंटर बनवाने में भी नकल माफियाओं का खेल

Sat, 09 Nov 2013 02:31 AM IST
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ Updated Sat, 09 Nov 2013 02:31 AM IST
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up board school apply for exam centre without facilities

स्कूल के कमरों में दिन के समय भी पर्याप्त रोशनी नहीं पहुंचती है। बिजली का कनेक्शन है नहीं। बाउंड्रीवाल अधूरी पड़ी है। क्षमता केवल 270 स्टूडेंट्स को बैठाने की लेकिन स्कूल 500 विद्यार्थियों की परीक्षा कराने के लिए तैयार है।

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स्कूल प्रबंधक समूची व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे भी कर रहे हैं। यूपी बोर्ड में परीक्षा केंद्र बनवाने के लिए नकल माफिया इसी तरह के झूठे दावे कर रहा है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा गठित टीमों ने स्थलीय निरीक्षण किया तो इन दावों की हकीकत खुद ही सामने आ गई। झूठी सूचना देने के कारण इन स्कूल प्रबंधकों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
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इसके साथ ही बोर्ड को भी इन स्कूलों के बारे में सूचित किया जाएगा। परीक्षा केंद्र बनवाने के लिए इस साल 101 कॉलेजों ने आवेदन किया था।

आवेदन में कॉलेजों को उनके यहां कमरों की संख्या, बाउंड्रीवॉल, धारण क्षमता, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, फर्नीचर की सूचना भी देनी थी।

इसके आधार पर परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति को परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करना है। राजधानी में 687 में से केवल 101 कॉलेजों ने अपने यहां का ब्यौरा उपलब्ध कराया।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने आवेदन करने वाले स्कूलों की स्थलीय जांच कराने के लिए राजकीय जुबली इंटर कॉलेज, राजकीय हुसैनाबाद इंटर कॉलेज, राजकीय निशातगंज इंटर कॉलेज और राजकीय सरोजनी नगर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में जांच समितियों का गठन किया गया था। इन समितियों ने मौके पर जाकर पड़ताल की था स्कूलों द्वारा दाखिल ब्यौरे की पोल खुल गई।

गोड़वा बरौनी हायर सेकंड्री स्कूल, माल
आवेदन पत्र में कॉलेज के अंदर 14 कमरे बताए गए थे लेकिन मौके पर 10 कमरे ही मिले। आवेदन पत्र में दावा किया गया था कि सारे कमरों में पर्याप्त रोशनी है।

लेकिन जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार कमरों में दिन में भी पर्याप्त रोशनी नहीं पहुंच पाती है। इतना ही नहीं स्कूल में बिजली का कनेक्शन भी नहीं है।

प्रबंधन का दावा था कि स्कूल के चारों ओर बाउंड्रीवाल है लेकिन चहारदीवारी अधूरी पड़ी हुई थी। इसी तरह स्कूल में दो हॉल होने का दावा किया गया था लेकिन मौके पर केवल एक हॉल मिला।

बरामदे भी मानक के अनुसार नहीं मिले। कॉलेज में प्रयोगशाला होने का दावा किया गया था लेकिन जांच टीम को प्रयोगशाला नहीं मिली।

जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में 270 से ज्यादा बच्चों को एक साथ परीक्षा नहीं दिलाई जा सकती लेकिन आवेदन पत्र में स्कूल की धारण क्षमता 500 बच्चों की बताई गई थी। स्कूल के तीन किलोमीटर दूर तक पक्की सड़क भी नहीं थी।

नन्हें सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, माल
आवेदन पत्र में दावा किया गया था कि कॉलेज में 25 कमरे हैं लेकिन मौके पर केवल 21 कमरे मिले। पुस्तकालय और प्रयोगशाला का दावा भी गलत भी साबित हुआ।

जांच टीम के अनुसार एक साथ परीक्षा होने पर कॉलेज में केवल छह सौ विद्यार्थियों को परीक्षा दिलाई जा सकती है। जबकि कॉलेज द्वारा किए गए आवेदन में 800 स्टूडेंट्स की परीक्षा कराने की क्षमता होने का दावा किया गया था।

खुशहाल दास इंटर कॉलेज रामनगर, माल
खुशहाल दास इंटर कॉलेज की ओर से भी परीक्षा केंद्र बनाने के लिए आवेदन पत्र दिया गया था। आवेदन पत्र में दिए गए ब्यौरे में कॉलेज का दावा था कि उसके यहां प्रयोगशाला है। जबकि मौके पर प्रयोगशाला का नामोनिशान नहीं था।

कॉलेज की ओर से 632 स्टूडेंट्स की परीक्षा कराने की क्षमता बताई गई थी। जबकि जांच टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में 450 से ज्यादा छात्रों को एक साथ परीक्षा नहीं दिलाई जा सकती।

स्वर्गीय सुरेश द्विवेदी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माल
स्वर्गीय सुरेश द्विवेदी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के आवेदन पत्र में कॉलेज में 500 स्टूडेंट्स की परीक्षा कराने की क्षमता कही गई थी। इसके साथ ही कॉलेज ने प्रयोगशाला और पुस्तकालय होने संबंधी दावा भी किया गया था।

स्थलीय जांच में कॉलेज के दावे की पोल खुल गई। कॉलेज में प्रयोगशाला और पुस्तकालय नहीं पाया गया। जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में एक साथ केवल 400 छात्रों की परीक्षा कराई जा सकती है।

एसपी सिंह मेमोरियल हायर सेकेंड्री स्कूल, मड़वाना
एसपी सिंह मेमोरियल हायर सेकेंड्री स्कूल मड़वाना के अनुसार उसके यहां प्रयोगशाला है। जबकि जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में प्रयोगशाला नहीं है।

इसी तरह स्कूल द्वारा 500 स्टूडेंट्स की परीक्षा कराने संबंधी दावे को भी जांच टीम ने नकार दिया। टीम की रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में केवल 400 छात्रों की परीक्षा कराई जा सकती है।

जय चंद्रिका मां हायर सेकेंड्री, स्कूल
स्कूल ने परीक्षा केंद्र बनाने के लिए जो आवेदन पत्र दिया था उसमें 14 कमरों और प्रयोगशाला होने की बात कही गई थी। कॉलेज को 600 स्टूडेंट्स की परीक्षा कराने के लिए सक्षम बताया गया था।

जबकि जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में केवल 12 कमरे हैं। प्रयोगशाला का अतापता ही नहीं है। कॉलेज को केवल 400 स्टूडेंट्स की परीक्षा के लिए योग्य ठहराया गया।

इनका भी हालत खराब
राम बचन सिंह स्मारक हाईस्कूल, गोमती नगर में आठ क्लास रूम हैं। जबकि आवेदन में नौ कमरे होने की बात कही गई थी। गुडंबा के वीरेंद्र प्रताप सिंह स्कूल ने परीक्षा केंद्र बनाने के लिए आवेदन पत्र में 24 कमरे होने की बात कही थी। लेकिन स्थलीय जांच में टीम को केवल 14 कमरे मिले।

इस्माइलगंज के एलबीएस पब्लिक इंटर में भी जांच टीम को केवल 13 कमरे मिले जबकि यहां 15 कमरे होने का दावा किया गया था। इसी प्रकार गोमती नगर के गीतापुरी के बीएलएम हायर सेकेंड्री स्कूल ने 15 कमरे होने का दावा किया था लेकिन वहां मौके पर केवल 12 कमरे मिले।


प्रतियोगी परीक्षा के समय ही खुलता है स्कूल
कल्याणपुर के आदिलनगर स्थित साकेत इंटर कॉलेज के बारे में जांच टीम ने जो रिपोर्ट दी है उसके अनुसार कॉलेज केवल प्रतियोगी परीक्षा के समय ही खुलता है।

निशातगंज इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य की अध्यक्षता वाली जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज मौके पर बंद मिला। आसपास जानकारी हासिल की गई तो लोगों ने बताया कि कॉलेज केवल प्रतियोगी परीक्षा वाले दिन ही खुलता है।

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