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यूपी बोर्डः प्रैक्टिकल एग्जाम के लिए यहां जानें रोल नंबर

Thu, 25 Dec 2014 01:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 25 Dec 2014 01:40 PM IST
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up board practical exam started from tommorow.

यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू होंगी। बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए नॉमिनल सूची और रोल नंबर राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में मिल रहे हैं। प्रैक्टिकल नौ जनवरी तक पूरे होने हैं। इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं आंतरिक और बाह्य परीक्षक लेंगे, जबकि हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षा पूरी तरह से आंतरिक परीक्षकों के भरोसे होगी।

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यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा में इंटरमीडिएट कक्षाओं में प्रैक्टिकल के 50 प्रतिशत नंबर आंतरिक और 50 प्रतिशत नंबर बाह्य परीक्षक को देने होते हैं। हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा आंतरिक परीक्षकों को ही संपन्न करानी होती हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक पीसी यादव के अनुसार स्टूडेंट्स के रोल नंबर और नॉमिलन रोल आ चुके हैं। विद्यालय कार्यालय से प्राप्त करके अपने यहां की प्रयोगात्मक परीक्षा संपन्न कराएं। प्रयोगात्मक परीक्षाएं नौ जनवरी तक संपन्न करानी हैं।

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अंकपत्रों और प्रमामणपत्रों की गलतियां सुधरवाने का मौका

up board practical exam started from tommorow.

बोर्ड परीक्षा 2015 के अंकपत्र और प्रमाणपत्रों में होने वाली गलतियों से बचा जा सकता है। यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए रोल नंबर और नॉमिनल जिला विद्यालय निरीक्षक पीसी यादव के अनुसार स्कूलों को स्टूडेंट्स के रिकॉर्ड का मिलान नॉमिनल सूची से करना है।

अगर कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो फिर इसकी सूचना कार्यालय को देनी है। डीआईओएस कार्यालय से इसकी सूचना बोर्ड कार्यालय को भेजकर रिकॉर्ड सही करवा दिया जाएगा। इससे स्टूडेंट्स के अंकपत्र और प्रमाणपत्र में गड़बड़ी नहीं होगी।

जिला विद्यालय निरीक्षक पीसी यादव के अनुसार हर साल स्टूडेंट्स के अंकपत्र और प्रमाणपत्रों में गलतियों की शिकायत आती है। गलतियों सही करवाने के लिए स्टूडेंट्स और शिक्षक दोनों को शिक्षा भवन से लेकर बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

ऐसी स्थिति न हो इसलिए नॉमिनल सूची से मिलान करके गड़बड़ियां दुरुस्त कराने का मौका दिया जा रहा है। नॉमिनल सूची और विद्यालय के रिकॉर्ड में अंतर होने पर प्रिंसिपल को इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद बोर्ड कार्यालय से गड़बड़ी दुरुस्त करा दी जाएगी।

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