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UP BOARD: अंधेरों में रोशनी की तलाश
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 03 Mar 2014 08:50 AM IST
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं आज से शुरू हो रही हैं। सवा लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। राजधानी के 159 परीक्षा केद्रों पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
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लेकिन कुछ ऐसे परीक्षा केद्रों को भी परीक्षाएं कराने की अनुमति मिल गई है जिसे जांच समिति ने परीक्षा के लायक नहीं माना था। कुछ केंद्र बिना चहारदीवारी के हैं, तो कुछ में दिन में भी रोशनी नहीं पहुंचती हैं।
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वहीं कुछ परीक्षा केंद्रों पर क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थियों को बैठने की व्यवस्था की गई है। बोर्ड परीक्षा के लिए सेंटर बनाने का दावा करने के बाद हुई जांच में इन विद्यालयों की पोल खुल चुकी है।
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इसके बावजूद जोड़-तोड़ करके इन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। माल स्थित गोड़वा बरौकी विद्यालय में केवल 10 कमरे हैं।
परीक्षा केंद्रों की जांच कर रही समिति ने विद्यालय को किसी भी सूरत में 270 परीक्षार्थियों से ज्यादा की परीक्षा कराने के लिए योग्य नहीं पाया था। इसके बावजूद विद्यालय में 444 छात्रों का परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
कॉलेज में बिजली का कनेक्शन नहीं है। जांच समिति का दावा था कि कॉलेज में दिन के समय भी प्रकाश नहीं पहुंचता है। ऐसे में परीक्षार्थी किस तरह परीक्षा देंगे यह भी देखने वाली बात होगी।
बोर्ड की परीक्षा केंद्र नीति के अनुसार जिस कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया जाना है उसके चारों ओर बाउंड्रीवॉल होनी चाहिए। लेकिन कॉलेज में बाउंड्रीवॉल तक नहीं है। स्कूल पहुंचने के लिए रास्ता भी ढंग का नहीं है।
करीब तीन किलोमीटर का कच्चा रास्ता तय करके स्कूल पहुंचा जा सकेगा। इसके बावजूद कॉलेज परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि किस तरह परीक्षा हो पाती है।
यही हाल मड़वाना स्थित एसपी सिंह मेमोरियल हाईस्कूल का है। निरीक्षण समिति की रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय में मुश्किल से चार सौ परीक्षार्थियों की परीक्षा कराने की क्षमता है।
इसके बावजूद यहां पर चार सौ से ज्यादा स्टूडेंट्स का परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। इसी तरह नन्हें सिंह स्मारक, खुशहाल दास इंटर कॉलेज, स्वर्गीय सुरेश द्विवेदी और चंद्रिका देवी हायर सेकेंड्री स्कूल में भी परीक्षा कराना टेढ़ी खीर होगी। इन सारे विद्यालयों में पर्याप्त स्थान की तंगी है।