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तंगी रोशनी में तालीम का इम्तिहान
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 04 Mar 2014 08:53 AM IST
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जैसी की उम्मीद थी वही हुआ। यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन सभी नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। जिन स्कूलों में बच्चों के सेंटर पड़े उनमें कहीं टीन शेड था तो कहीं घुप्प अंधेरा।
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कहीं कमरों में पानी भरा था तो कहीं परीक्षार्थियों को कीचड़ में से होकर जाना पड़ा। हर बार की तरह इस बार भी कक्ष निरीक्षण करने वाले गुरुजी गायब रहे। कुछ जगहों पर विषय विशेषज्ञों तो कहीं चपरासी ने ड्यूटी बजाई।
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एसोसिएट जिला विद्यालय निरीक्षक ने जांच के दौरान एक विषय विशेषज्ञ शिक्षिका को परीक्षा ड्यूटी से बाहर भी किया। कई स्कूलों में शिक्षकों ने बोलकर स्टूडेंट्स को नकल कराई।
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सबसे ज्यादा समस्या ग्रामीण अंचल के स्कूलों में देखने को मिली। यहां बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया। जिन दुश्वारियों में छात्रों ने परीक्षा दी उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूपी बोर्ड कैसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा सोमवार को अपने पुराने अंदाज में शुरू हो गई। इस बार भी अंधेरे और फर्नीचर की कमी के कारण कमरों में ठूंस-ठूंस कर बच्चे भरे गए। मलिहाबाद के जनता इंटर कॉलेज में फर्नीचर की कमी के बावजूद 742 स्टूडेंट्स का परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
केंद्र व्यवस्थापक के अनुसार कॉलेज का अनुदान फंसा हुआ ऐसे में यहां बड़ी मुश्किल से क्लास ही चल पा रही हैं। यहां की क्षमता 400 परीक्षार्थियों से ज्यादा नहीं है।
इसके बावजूद लगभग दोगुने छात्रों की परीक्षा करवाई गई। जावेद अली इंटर खुशहाल दास इंटर कॉलेज, मालती नारायण काशीश्वर इंटर कॉलेज में एक-एक बेंच पर तीन-तीन छात्र बैठाए गए।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार शिक्षकों के परिचय पत्र तो जारी कर दिए गए लेकिन शिक्षक ड्यूटी करने ही नहीं पहुंचे।
नवयुग कन्या इंटर कॉलेज, नवजीवन, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज मलिहाबाद, जावेद अली पब्लिक स्कूल, जनता इंटर कॉलेज खड़ौंहा, खुशहाल दास इंटर कॉलेज, स्वामी विवेकानंद समेत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के सारे स्कूलों में करीब 40 फीसदी शिक्षक कक्ष निरीक्षण ड्यूटी करने नहीं पहुंचे।
जिला विद्यालय निरीक्षक पीसी यादव ने बताया कि जो शिक्षक ड्यूटी करने नहीं पहुंच रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाअधिकारी ने निर्देश दिया था कि वित्तविहीन स्कूलों में ज्यादातर ड्यूटी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों की लगाई जाए। शिक्षक उपलब्ध न होेने पर बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की ड्यूटी पर लगाया जाए।
शिक्षकों की ड्यूटी के लिए बेसिक शिक्षा कार्यालय को सूची भी उपलब्ध करा दी गई। इसके बावजूद सोमवार को ज्यादातर विद्यालयों में शिक्षक ड्यूटी करने नहीं पहुंचे।
मालती नारायण इंटर कॉलेज में परिषदीय स्कूल के 29 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। लेकिन ड्यूटी में केवल एक शिक्षक पहुंचा। सोमवार को कंट्रोल रूम पर करीब 50 विद्यालयों ने कक्ष निरीक्षकों की मांग के लिए पत्र भी दिया।
नवयुग इंटर कॉलेज में एसकेडी एकेडमी समेत कई कॉलेज के शिक्षक ड्यूटी करने नहीं पहुंचे बड़ी मुश्किल से विद्यालय में परीक्षा निपटाई गई। वहीं नवजीवन इंटर कॉलेज में प्रथम पाली के दौरान कक्ष संख्या 10 के सामने विषय से संबंधित सामग्री पड़ी हुई थी।
सामग्री किसी परीक्षार्थी के पास से नहीं मिली थी ऐसे में उड़न दस्ते ने पूरे सेंटर को सील करने की बात कही। काफी मान-मनौव्वल के बाद उड़न दस्ते ने भविष्य में और सख्ती से परीक्षा करने की हिदायत पर कार्रवाई नहीं की।
काशीश्वर इंटर कॉलेज में बोलकर कराई नकल
कक्ष निरीक्षकों की कमी होने के कारण मोहनलालगंज के कई कॉलेजों में रोक के बावजूद विषय विशेषज्ञ शिक्षकों ने परीक्षा ड्यूटी की। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों ने कॉलेज में पहली पाली में छात्रों को बोल-बोल कर नकल कराई।
सूत्रों के अनुसार कॉलेज के कई शिक्षक परीक्षा कक्षों में जाकर अपने विद्यालय की छात्राओं को नकल कराते रहे। कुछ कमरों मे तो शिक्षकों ने परीक्षार्थियों की कॉपी में कलम तक चलाने से भी गुरेज नहीं की।
यहां सुबह की पाली में 10 मिनट देर से परीक्षा शुरू हुई। लेकिन छात्रों को अतिरिक्त समय नहीं दिया गया। वहीं प्रवेशपत्र न मिलने पर 15 स्टूडेंट्स ने हंगामा किया।
स्टूडेंट्स के नाम नॉमिनल रोल में थे लेकिन प्रवेश पत्र न मिलने के कारण इन्हें परीक्षा देनेे से रोका जा रहा था। हंगामे के बाद स्टूडेंट्स को परीक्षा में शामिल होेने की सशर्त अनुमति दी गई।