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यूपी बोर्ड परीक्षाओं के केंद्र पर नहीं लगेंगे वीडियो कैमरे?

Thu, 08 Oct 2015 04:02 PM IST
Updated Thu, 08 Oct 2015 04:02 PM IST
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up board exam policy decided

यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति 2016 जल्द ही जारी करने की तैयारी है। इस नीति में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है। न तो परीक्षा केंद्रों पर वीडियो कैमरा लगाने की बात की गई है और न ही ऑनलाइन केंद्र निर्धारण की बात है।

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ऑनलाइन केंद्र निर्धारण की बात कोरी अफवाह ही साबित हुई। हर साल की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में जिला विद्यालय निरीक्षकों की ही चलेगी। निर्धारित मानक के अनुसार वे जिसे चाहेंगे, वही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव शैल यादव ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इसके आधार पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली से मंजूरी मिलते ही केंद्र निर्धारण नीति जारी कर दी जाएगी। केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया 18 अक्तूबर से शुरू होकर 19 नवंबर को पूरी कर ली जाएगी।
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इन स्कूलों को बनाया जाएगा परीक्षा केंद्र

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परीक्षा केंद्र बनाने में राजकीय व सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद अच्छे वित्तविहीन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं के लिए पहले की तरह स्वकेंद्र की व्यवस्था रहेगी।
परीक्षार्थियों के सेंटर पांच से आठ किलोमीटर की परिधि में रखे जाएंगे। विशेष परिस्थितियों में इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के लिए यह दूरी 12 किमी व हाईस्कूल के परीक्षार्थियों के लिए  8 किमी रखी जा सकती है।

वर्ष 2013, 2014 व 2015 की परीक्षाओं के दौरान सचल दल या निरीक्षण करने वाले अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इसी तरह इन तीनों वर्षों के दौरान डिबार या एफआईआर लिखाए जाने वाले स्कूलों को भी परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

निशक्त व दृष्टिबाधित अपने स्कूल में देंगे परीक्षा  

यूपी बोर्ड परीक्षा में प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षकों को लगाया जाएगा। राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों का जो शिक्षक ड्यूटी करने में आनाकानी करेगा, उसे गैरहाजिर मानते हुए वेतन काटा जाएगा। संस्थागत बालक परीक्षार्थियों का केंद्र यथासंभव निकट के स्कूलों में बनाया जाएगा।

राजकीय इंटर कॉलेजों से प्राइवेट फॉर्म भरने वाली छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा दी जा सकती है। निशक्त व दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को स्वकेंद्र परीक्षा की सुविधा दी जाएगी। यदि उनके स्कूल को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाता है तो पास के केंद्रों पर उन्हें परीक्षा देने की सुविधा दी जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण दल, सचल दल के सदस्य के रूप में केवल राजपत्रित अधिकारी को ही प्रवेश की अनुमति होगी।

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