महंगी होगी बीएड की पढ़ाई, जानें नई फीस
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नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) और शासन की नई नियमावली से बीएड 2015-16 की पढ़ाई महंगी हो जाएगी। इसके मुताबिक बीएड का कोर्स दो साल का हो गया है।
शासन स्तर पर फीस बढ़ाने की सहमति बन चुकी है। दो वर्षीय बीएड कोर्स की फीस 80 हजार रुपये की जा सकती है। ऐसा हुआ तो 28 हजार रुपये से ज्यादा फीस बढ़ जाएगी।
बीएड 2014-15 का कोर्स एक साल का था। इसकी फीस 51250 रुपये निर्धारित है। अब कोर्स दो साल का हो गया है। नए कोर्स की नियमावली शासन ने बना ली है।
इसका ब्यौरा जल्द ही सभी राज्य विश्वविद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन ने बताया कि दो वर्षीय बीएड कोर्स को लेकर 28 दिसंबर को शासन में मीटिंग हुई थी।
मई से शुरू होगी एडमिशन प्रक्रिया
मीटिंग में फीस बढ़ाने पर सहमति बनी थी। तय हुआ था कि एडमिशन के समय स्टूडेंट्स से 51250 रुपये सालाना फीस ली जाएगी।
दूसरे साल ट्यूशन फीस सहित अतिरिक्त मद का कोई भी चार्ज नहीं लिया जाएगा। फिर भी दूसरे साल 30 हजार रुपये फीस वसूलने का प्रस्ताव है।
फीस बढ़ाने पर सहमति जरूर बनी है लेकिन अंतिम आदेश शासन को जारी करना है। यह आदेश मई 2015 तक आ सकता है।
मई से ही बीएड की एडमिशन प्रक्रिया शुरू होगी। रजिस्ट्रार ने बताया कि दो वर्षीय बीएड कोर्स की नियमावली और फीस स्ट्रक्चर बनाने की जिम्मेदारी लखनऊ यूनिवर्सिटी के शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारियों को दिया गया है।
इस साल एलयू के हाथ जिम्मेदारी
शैक्षिक सत्र 2015-16 की बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा लखनऊ यूनिवर्सिटी को ही करानी है। दो वर्षीय पाठ्यक्रम से कॉलेज संचालकों का खर्चा बढ़ जाएगा। अब सात की जगह 16 शिक्षकों की नियुक्ति करनी है।
स्टाफ के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ाना है। बताते चलें कि शासन ने शैक्षिक सत्र 2015-16 की बीएड फीस में पांच फीसदी (करीब 2500 रुपये) की बढ़ोतरी की थी।
लेकिन दो वर्षीय कोर्स लांच होने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया है। अब फीस नए सिरे से निर्धारित की जा रही है।