फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   University of Lucknow involved in suppressing mass replication

सामूहिक नकल को दबाने में जुटा लखनऊ विश्वविद्यालय

Wed, 04 Jun 2014 09:14 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 04 Jun 2014 09:14 AM IST
विज्ञापन
University of Lucknow involved in suppressing mass replication

कॉलेज में सामूहिक नकल के मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय ने आंखें मूंद ली हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा में इस साल टीचर्स ने परीक्षार्थियों को बोल-बोलकर नकल कराई है।

विज्ञापन


इस तरह से नकल कराने संबंधी एक वीडियो भी अमर उजाला और लखनऊ विश्वविद्यालय को प्राप्त हुआ था। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदारों ने कार्रवाई की बात कही थी।
विज्ञापन


इस बात को भी बीस दिनों से ज्यादा समय बीत चुका है और कॉलेज को नोटिस तक जारी नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय मामले को पूरी तरह से दबाने में जुटा हुआ है।

मलिहाबाद स्थित कुंवर आसिफ अली संजू मियां डिग्री कॉलेज में परीक्षार्थियों को बोल-बोलकर नकल कराने का मामला सामने आया था। कॉलेज में हो रही सामूहिक नकल की वीडियो क्लिपिंग भी बनाई गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह वीडियो क्लिपिंग 21 मार्च की है। सुबह की पाली में उस दिन हिंदी सेकंड ईयर का प्रथम प्रश्न पत्र चल रहा था। वीडियो क्लिपिंग में साफ नजर आ रहा है कि कमरे में मौजूद शिक्षिका बाकायदा किताब से परीक्षार्थियों को सवालों के उत्तर बोल रही हैं।


वीडियो इतना स्पष्ट है कि उसमें यह भी पता चल रहा है कि कक्षा में महादेवी वर्मा के रीति काव्य से संबंधित सवाल का जवाब बोला रहा है। यह क्लिपिंग अमर उजाला और लखनऊ विश्वविद्यालय के पास पहुंची थी। इस पर अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई की बात कहते हुए मामला शांत किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed