परीक्षा केंद्रों में नकल रोकने के लिए यूजीसी का नया फॉर्मूला
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देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में नकल रोकने के लिए अब परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाए जाएंगे। रेडियो फ्रीक्वेंसी बेसड डिवाइस से नकल पर नकेल कसने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने यह फैसला लिया है। यूजीसी के सचिव प्रो. जसपाल एस संधू ने सभी राज्यों में स्थित विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों को पत्र (डी.ओ.नंबर.एफ.1-1/2016) जारी कर नए दिशा निर्देश दिए हैं।
विश्वविद्यालयों के तहत आने वाले सभी कॉलेजों में भी यह व्यवस्था लागू होगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में परीक्षाओं के दौरान नकल के आधुनिक तरीकों के बढ़ते प्रचलन के बाद यूजीसी ने जैमर लगाने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार की जैमर पॉलिसी के तहत ही यूजीसी ने शिक्षण संस्थानों के परीक्षा केंद्रों में यह व्यवस्था करने का फैसला लिया है।
यूजीसी से विश्वविद्यालय प्रबंधनों को जारी पत्र में कहा गया है कि जल्द से जल्द परीक्षाओं के शेड्यूल, परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाने के स्थानों का ब्योरा तैयार करे और जैमर लगाने के लिए अधिकृत की गई कंपनियों से संपर्क करें।
इस तरह काम करेंगे जैमर
जैमर लगाने के लिए केंद्र सरकार का दो निजी कंपनियों के साथ अनुबंध है। ये कंपनियां किराये पर कुछ दिनों के लिए भी जैमर लगाती हैं। गृह मंत्रालय ने इन कंपनियों को जैमर लगाने के लिए अनुमति दी है। इनके अलावा अन्य कंपनियों से जैमर लगाने की सख्त मनाही है। जैमर लगाने से पहले सुरक्षा सचिव से मंजूरी लेनी होगी।
क्या है जैमर- मोबाइल फोन जैमर बेस स्टेशनों से मोबाइल फोन को संकेत प्राप्त करने से रोकता है। रेडियो जैमर किसी भी संचार उपकरण को जाम कर सकता है। रेडियो फ्रीक्वेंसी बेसड डिवाइस के तहत आते हैं मोबाइल फोन, ब्लू्टूथ और वाईफाई।