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छात्र आंदोलन के बाद बैकफुट पर आया विवि प्रशासन

Sun, 27 Apr 2014 10:35 AM IST
बयूरो/ अमर उजाला, शिमला
बयूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 27 Apr 2014 10:35 AM IST
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university administration revoke orders

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की हाई पॉवर कमेटी की कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में शुक्रवार को लिये गये फैसलों में से दो को वापस लेना पड़ा। शनिवार को एससीए के बैनर तले जुटे सैकड़ों छात्रों के विरोध के चलते विवि प्रशासन बैकफुट पर आ गया है।

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प्रशासन ने अब छात्रों की परीक्षा तैयारियों को देखते हुए विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को नौ से पांच बजे के बजाया पहले की तरह सुबह साढ़े आठ से रात नौ बजे तक खुला रखने की मांग को मान लिया है।
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वहीं कन्या छात्रावासों में रह ही गेस्ट छात्राओं को भी हास्टल में रहने की अनुमति दे दी है। शनिवार को विश्वविद्यालय द्वारा एससीए को भंग करने के साथ लिये गए इन फैसलों के खिलाफ विवि गेट के बाहर हुये सैकड़ों छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एसएफआई और एससीए के पदाधिकारियों ने इन दोनों मुख्य मांगों को लेकर कुलपति प्रो.एडीएन वाजपेयी के साथ बैठक की।
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कुलपति से मिली एससीए की सह सचिव मोनिका डढा और एसफआई राज्य सह सचिव पुनीत धांटा, एसएफआई विवि इकाई के सचिव होशियार सिंह ने कुलपति के समक्ष विस्तार से अपनी बात रखी। जिसमें मुख्य रूप से परीक्षा के समय में एक झड़प को आधार बनाकर पुस्तकालय को खुला रखने के समय को कम करने, और कन्या छात्रावासों में गेस्ट छात्राओं को न रहने देने के फैसले को वापस करने की मांग उठाई।


मोनिका ने बताया कि इन दोनों ही मांगों को कुलपति को छात्रों के विरोध के चलते मानना पड़ा। मोनिका और सचिव पियूश सेवल ने कहा कि एससीए को भंग करने और छात्रों के निष्कासन के फैसले को लेकर अदालत में ले जाया जाएगा। वहीं इसे एचआरडी, यूजीसी और प्रदेश पुलिस प्रशासन के समक्ष भी उठाया जाएगा।

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