केआईईटी गाजियाबाद बना एफिसाइकिल चैंपियन
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में चार दिन से जारी इको फ्रेंडली ट्राईसाइकिल की खोज रविवार को खत्म हुई।
सोसाइटी ऑफ ऑटोमोटिव इंजीनियर्स इंडिया (एसएई इंडिया) के सहयोग से आयोजित एफिसाइकिल-2014 में गाजियाबाद स्थित कृ़ष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (केआईईटी गाजियाबाद) की टीम चैंपियन घोषित की गई है। विजेता टीम को 1 लाख रुपये से नवाजा गया। एफिसाइकिल के अंतिम दिन ट्राईसाइकिल की रेस आकर्षण का केंद्र रही।
इको फ्रेंडली ट्राईसाइकिल की 2 घंटे तक चली दौड़ के बाद विजेता टीमों की घोषणा कर दी गई। प्रतियोगिता में गुरु नानक देव कालेज ऑफ इंजीनियरिंग लुधियाना की टीम ओवरऑल दूसरे और संत लौंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, संगरूर की टीम तीसरे स्थान पर रही।
प्रतियोगिता में देश भर के आईआईटी और इंजीनियरिंग कालेजों की 87 शार्टलिस्ट टीमों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर करीब 10 विभिन्न कैटेगरी में ट्राईसाइकिल मॉडल को कैश अवार्ड से नवाजा गया।
ये है विजेता टीमों के नाम
पुरस्कार वितरण समारोह में पीयू रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्ढा मुख्य अतिथि और प्रो.संजीव पूरी विशेष अतिथि के तौर पर पहुंचे। प्रो.चड्ढा ने विजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
विजेता टीमों के नाम
पहला स्थान- कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गाजियाबाद, यूपी (1 लाख)
दूसरा स्थान- गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कालेज लुधियाना (75 हजार)
तीसरा स्थान- संत लौंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (50 हजार)
विभिन्न कैटेगरी में इन टीमों को मिले पुरस्कार
बेस्ट डिजाइन अवार्ड- ग्रीन रेंजर टीम (लौंगोवाल) (25 हजार)
बेस्ट कॉस्ट अवार्ड-इकोट्री टीम(इंदौर) (25 हजार
बेस्ट मार्केटिंग अवार्ड-एएससी रैसिंग टीम (15 हजार)
बेस्ट इनोवेटिव अवार्ड-यूपीईएस देहरादून (10 हजार)
सेफ व्हीकल अवार्ड-एनएसआईटी दिल्ली(10 हजार)
लाइट व्हीकल अवार्ड- केआईईटी गाजियाबाद( 10 हजार)
बेस्ट स्लोगन अवार्ड-आईटीसी इंदौर(10 हजार)
एक्सलरेशन अवार्ड-एनआईईसी दिल्ली( 25 हजार)
मैनुएपेबिलिट टेस्ट अवार्ड- एबीएस गाजियाबाद (25 हजार)
बेस्ट यूटिलिटी अवार्ड-केआईईटी गाजियाबाद(25 हजार)
केआईईटी गाजियाबाद ने जीते 1 लाख 35 हजार
एफिसाइकिल-2014 की चैंपियन टीम केआईईटी गाजियाबाद टीम को ओवर ऑल चैंपियन बनने के अलावा दो अन्य पुरस्कारों के तहत कुल 1 लाख 35 हजार की नगद राशि मिली है।
टीम को बेस्ट यूटिलिटी व्हीकल के लिए 25 हजार और लाइट वेट व्हीकल के लिए 10 हजार पुरस्कार के तौर पर मिले। इनक्रेडेबल(24) नंबर टीम केआईईटी के फैकल्टी एडवाइजर श्रेष्ठ काकरान ने बताया कि उनके वाहन को सिंपल और इस्तेमाल के हिसाब से बेस्ट चुना गया है। 2013 एफिसाइकिल फेस्ट में केआईईटी टीम ने ओवर ऑल दूसरा स्थान हासिल किया था।
गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कालेज टीम दूसरे स्थान पर
प्रतियोगिता में गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कालेज लुधियाना की टीम ओवर ऑल दूसरे स्थान पर रही। टीम को 75 हजार के अलावा ड्यूरेबिल्टिी कैटेगरी में दूसरे स्थान के लिए 20 हजार का कैश अवार्ड से भी नवाजा गया। टीम मेंबर ने बताया कि व्हीकल को बैठने के लिए आरामदायक और देखने में काफी सरल बनाने की कोशिश की गई है। टीम को 2012 में ओवर ऑल दूसरा स्थान मिल चुका है।
लौंगोवाल टीम: पहले ही चांस में तीसरा स्थान
एफिसाइकिल-2014 प्रतियोगिता में पहले ही साल एंट्री करते हुए संत लौंगेवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी लौंगेवाल (संगरूर) की टीम ने तीसरा स्थान हासिल कर 50 हजार पुरस्कार हासिल किया। लेकिन टीम ने बेस्ट डयूरेबल व्हीकल(30 हजार) और बेस्ट डिजाइन(25 हजार) श्रेणी में भी पुरस्कार हासिल किए।
टीम ने प्रतियोगिता में कुल 1 लाख 5 हजार जीते हैं। टीम मेंबर सुमित सिंह ने बताया कि व्हीकल में सेफ्टी, सीट कंफर्ट, पैडल डिजाइन का विशेष ध्यान रखा गया। व्हीकल में एयरोप्लेन स्टाइल का हैंडल तैयार किया।
फैकल्टी एडवाइजर डा.शंकर सिंह ने बताया कि टीम सदस्यों ने वाहन को तैयार करने में कई महीने तक खूब मेहनत की थी। व्हीकल बनाने वाले स्टूडेंट लक्की, मनोज कुमार, अंकित शर्मा, कुलविंदर सिंह ने कहा कि अगले साल ओर भी बेहतर डिजाइन तैयार किया जाएगा।
इवेंट खत्म, तब पहुंचे चेन्नई टीम के व्हीकल
कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद चेन्नई के दो इंजीनियरिंग कालेज के स्टूडेंट्स ने ट्राईसाइकिल व्हीकल तैयार किए। लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और टीमें अपने वाहन के पहुंचने का इंतजार करती रही।
रविवार को रिजल्ट घोषित होने के बाद इन टीमों के व्हीकल मिनी ट्रक से पीयू पहुंचे, लेकिन तब तक खेल खत्म हो चुका था। चेन्नई से पहुंची दो टीम के सदस्यों ने बताया कि उनकी टीम प्रतियोगिता शुरू होने से एक दिन पहले ही पीयू पहुंच गई, लेकिन उनके ट्राईसाइकिल को चेन्नई से लेकर आने वाला वाहन समय पर नहीं पहुंच सका।
काफी बेहतर डिजाइन तैयार करने के बावजूद टीम एफिसाइकिल में हिस्सा नहीं ले सकी और टीम के सदस्य चार दिन तक मायूस होकर बैठे रहे।
यूडी बंगाले, कनवीनर एफिसाइकिल-2014 ने बताया कि पांच साल पहले सिर्फ 17 टीमों से इस फेस्ट को शुरू किया गया। युवा इंजीनियर्स के स्किल को तराशने के लिए एफिसाइकिल बेहतरीन प्लेटफार्म कहा जा सकता है। वाहनों की क्वालिटी और तकनीक में अभी काफी प्रोग्रेस करने की जरूरत है। आने वाले समय में इसे ओर बेहतर तरीके से आर्गेनाइज किया जाएगा।