फर्जी कॉलेजों पर चलेगा यूजीसी का डंडा
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साठगांठ कर तकनीकी कॉलेजों को संबद्धता देने और नियमों को ताक पर रखने वाले तकनीकी विश्वविद्यालयों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) शिकंजा कसने वाला है। ऐसे विवि का नाम सूची से हटाने के साथ संबंधित कालेजों पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
यूजीसी की वेबसाइट पर नई नियमावली जारी की जा चुकी है। इसके तहत यदि कोई विश्वविद्यालय नियमों से खिलवाड़ कर किसी तकनीकी कॉलेज को संबद्धता प्रदान करता है तो यूजीसी अधिनियम की धारा 12(ख) के अंतर्गत उसका अनुदान रोकने के अलावा उसे यूजीसी की सूची से भी बाहर किया जा सकता है। यह सूची विवि अनुदान आयोग हर साल अपनी वेबसाइट पर जारी करता है।
यूजीसी ने यह भी साफ कर दिया है कि अब यूजीसी या कहीं से भी कोई सरकारी अनुदान प्राप्त करने के लिए नैक ग्रेड आवश्यक होगा। जिस कालेज के पास ग्रेड नहीं है, वह तुरंत प्रक्रिया शुरू कर दे।
तकनीकी कॉलेजों को भी मान्यता देगी यूजीसी
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आल इंडिया काउंसिल फोर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) को भंग करते हुए यूजीसी को ही तकनीकी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की मान्यता की भी जिम्मेदारी दे दी गई थी। इस कड़ी में यूजीसी ने यह प्लान तैयार किया है।
रैगिंग हुई तो विस्तार पर रोक
तकनीकी संस्थान सीटें बढ़ाने की अर्जी देता है तो अब उसे सख्त नियमों से पार पाना होगा। यूजीसी ने प्रावधान किया है कि किसी तकनीकी कालेज में रैगिंग का मामला सामने आया है या सीबीआई जांच, सीवीसी जांच, एफआईआर या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच चल रही है तो उसे विस्तार करने का अवसर नहीं मिलेगा।
यहां तक कि कालेज की सोसाइटी से जुड़े किसी सदस्य के खिलाफ भी कोई आरोपपत्र दायर है और उस पर जांच लंबित है, तब भी सीटें बढ़ाने का अवसर नहीं मिलेगा।
उत्तराखंड में हैं बड़ी कमियां
प्रदेश में इस वक्त उत्तराखंड तकनीकी विवि से 45 से ज्यादा तकनीकी कालेज संबद्ध हैं। इन कालेजों में कमियां आम हैं। तमाम ऐसे कालेज हैं, जो अपने ही छात्रों को बीटेक उत्तीर्ण करते ही फैकल्टी बना रहे हैं। कई कालेजों में शिक्षक नहीं हैं, लेकिन कोर्स चल रहे हैं।
देनी होगी फीस, फैकल्टी की जानकारी
संबद्धता देने वाले तकनीकी विवि को हर साल सभी कालेजों की पूरी रिपोर्ट यूजीसी के पास भेजनी होगी, जो विवि की वेबसाइट पर भी जारी की जाएगी।
यूजीसी की नई नियमावली की जानकारी मिल गई है। अभी इसका अध्ययन किया जा रहा है। रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि संबद्ध सभी कालेजों को नियमावली और इसके अनुरूप जानकारी भेजी जाए।
-प्रो. वीके जैन, कुलपति, यूटीयू