शोधार्थियों के लिए खुशी की खबर, छात्रवृति के लिए नहीं तरसेंगे
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प्रदेश विश्वविद्यालय के जेआरएफ शोध छात्रों को इस वित्त वर्ष में छात्रवृत्ति के रूम में मिलने वाली राशि के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। यूजीसी ने नए वित्त वर्ष के लिए चार करोड़ की ग्रांट जारी कर दी है। यह विश्वविद्यालय को मिल चुकी है। उन्हें हर माह समय से छात्रवृत्ति मिलेगी।
जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फैलो) और एसआरएफ (सीनियर रिसर्च फैलो) ग्रांट के जारी होने से अब कम से कम नए वित्त वर्ष में शोधकर्ताओं को छात्रवृत्ति को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। इस बार यूजीसी के जेआरएफ छात्रों के लिए तय की नई दरों के मुताबिक मार्च माह के अंत में ही यूजीसी ने ग्रांट जारी कर दी है।
यह विवि के साथ ही यहां शोध कर रहे जेआरएफ के पास करीब 150 पात्र शोधार्थियों के लिए एक बड़ी राहत है। विवि के वित्त अधिकारी दीवाकर कमल ने यूजीसी से अनुदान जारी होने की पुष्टि की है।
बढ़ाई गई है छात्रवृत्ति
विवि ने पिछली ग्रांट के इस्तेमाल का यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट यूजीसी में देरी से जमा करवाया था। इस कारण यूजीसी ने मार्च 2014 में छात्रवृत्ति को दी जाने वाली साढ़े तीन करोड़ की ग्रांट को अक्तूबर में जारी किया।
इस बार वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले ही यूजीसी ने नई तय छात्रवृत्ति की दरों के मुताबिक चार करोड़ जारी कर दिए हैं। वर्ष 2014 में यूजीसी ने जेआरएफ और एसआरएफ की दरों में बढ़ोतरी की थी।
इस बार यूजीसी से छात्रवृत्ति नई जूनियर रिसर्च फेलोशिप जेआरएफ की छात्रवृत्ति को 16 हजार प्रतिमाह से बढ़ाकर 25 हजार किया था। सीनियर रिसर्च फेलो के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति को 18 से 28 हजार कर दिया था।
विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. टीसी भल्ला ने कहा छात्रवृत्ति के लिए बजट आने से हर माह छात्रों को परेशानी नहीं होगी। वे पूरे एकाग्र होकर शोध कार्यों में मन लगाएंगे। इससे शोध कार्य में गुणात्मक सुधार आएगा।