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फीस रीफंड नहीं की तो जाएगी मान्यता

Fri, 21 Mar 2014 07:39 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 21 Mar 2014 07:39 AM IST
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ugc new guidelines for engineering colleges

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को नियम जारी किए हैं।

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इसके अनुसार यूपीटीयू से संबद्ध कॉलेजों में दाखिला रद्द होने के बाद फीस अटकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

स्टूडेंट्स की फीस वापस करने से मना करने या देरी करने वाले तकनीकी शिक्षण संस्थानों से प्रति स्टूडेंट दोगुनी फीस जुर्माने के रूप में वसूल की जाएगी।

साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेज के एडमिशन पर एक साल के लिए रोक लगाने और मान्यता तक खत्म की जा सकती है।

साथ ही टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स में अगर प्रिंसिपल का पद 18 महीने तक खाली रहता है तो कॉलेज को एडमिशन लेने का अधिकार नहीं होगा। वहीं दूसरी ओर, क्षमता से ज्यादा फीस वसूलने पर कॉलेजों से पांच गुना जुर्माना वसूला जाएगा।

पिछले साल व पूर्व में भी कई ऐसे मामले सामने आए, जहां यूपीटीयू से संबद्ध कॉलेजों की मनमानी से स्टूडेंट्स को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में यूजीसी ने विनिमय-2014 जारी किया है।
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इसके अंतर्गत दाखिला रद्द होने के बाद अगर कॉलेज स्टूडेंट की फीस वापस नहीं करता है या फिर फीस देने में आनाकानी करता है तो कॉलेज की मान्यता तक खत्म की जा सकती है।
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साथ ही जुर्माने के रूप में दोगुना फीस व एक साल तक एडमिशन प्रक्रिया पर रोक लगाई जा सकती है। कॉलेज की मान्यता खत्म करना अंतिम हथियार होगा।

इसके अलावा यूजीसी ने नए नियमों में तकनीकी संस्थानों की ओर से प्रिंसिपल के पद पर नियमित नियुक्ति पर और सख्ती कर दी है।

नए नियमों के अनुसार तकनीकी शिक्षण संस्थानों में 18 महीने तक योग्य प्रिंसिपल के न होने की सूरत में कॉलेज को एडमिशन लेने का अधिकार नहीं होगा।

18 महीने तक योग्य प्रिंसिपल के न होने या पद खाली रहने पर विश्वविद्यालय कॉलेज को ‘कोई प्रवेश नहीं’ की स्थिति में रख सकते हैं।

वहीं, नए नियमों के अनुसार क्षमता से ज्यादा फीस लेने पर कॉलेज में प्रति स्टूडेंट से वसूली गई फीस का पांच गुना जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही कॉलेज में दाखिले पर एक साल तक रोक लगा दी जाएगी।

मामला गंभीर होने पर मान्यता समाप्ति का अधिकार पहले की तरह ही विश्वविद्यालय के पास सुरक्षित रहेगा। अगर मान्यता जाती है तो अगले दो साल तक कॉलेज संबद्धता के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।

यूजीसी ने नए रेग्यूलेशन में टीचर-स्टूडेंट रेशियो, कम्प्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, उपकरणों आदि मानकों का कड़ाई से पालन करने का प्रावधान किया गया है।

अब तक विश्वविद्यालयों के पास कॉलेजों के खिलाफ मान्यता वापस लेने का अंतिम विकल्प था लेकिन नए नियमों में दंड के साथ ही जुर्माने के संबंध में निश्चित नियम बनाए गए हैं, ताकि अनुशासन बनाने के साथ ही तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जा सके।

 
सभी संस्थानों को स्थापित करनी होगी भाषा प्रयोगशाला
तकनीकी क्षेत्र और बाजार का रुख देखते हुए सभी तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों को भाषा प्रयोगशाला की स्थापना करनी होगी।

यूजीसी के नए नियमों के अनुसार भाषा प्रयोगशाला में स्टूडेंट्स को अंग्रेजी बोलने, समझने आदि की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के समय स्टूडेंट कोई दिक्कत न हो।

भाषा प्रयोगशाला में प्रति 40 स्टूडेंट्स पर एक कंप्यूटर लगाना अनिवार्य किया गया है।

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