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एफडीडीआई के डिग्री विवाद पर यूजीसी ने नहीं दिया जवाब

Wed, 04 Nov 2015 02:29 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 04 Nov 2015 02:29 AM IST
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UGC did not respond in FDDI degrees dispute

फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) की डिग्री मान्य न होने के मुद्दे पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया। ऐसे में छात्रों के भविष्य का फैसला फिलहाल जल्द होता दिखाई नहीं दे रहा। छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर याचिका दायर की है।

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न्यायमूर्ति राजीव शकधर के समक्ष मंगलवार को सुनवाई के दौरान एफडीडीआई ने यूजीसी का जवाब प्राप्त होने के बाद अपना पक्ष रखने का तर्क रखा। अदालत ने यूजीसी को जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए मामले में अगली सुनवाई 6 जनवरी 2016 तक स्थगित कर दी।
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सुनवाई के दौरान एफडीडीआई की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता अमितेश कुमार ने कहा कि इस मामले में यूजीसी का जवाब महत्वपूर्ण है। ऐसे में वह उनका पक्ष जानने के बाद ही अपना जवाब दाखिल करेंगे। इस मामले में यूजीसी का कहना है कि कोई विश्वविद्यालय अन्य राज्यों के इंस्टीट्यूट के छात्रों को डिग्री नहीं दे सकता है। वहीं, अदालत ने कहा कि वह पूर्व के विवाद में नहीं जाना चाहते। वह केवल यह जानना चाहता है कि छात्रों के भविष्य का क्या होगा और इस समस्या का हल क्या है।
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पेश मामले में छात्रों की तरफ से अभिभावक रजत भटनागर ने याचिका दायर कर बताया है कि एफडीडीआई वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आता है। नोएडा में इसका मुख्यालय है और छिंदवाड़ा, जोधपुर, रोहतक, चैन्नई, कोलकाता आदि में इसके आठ केंद्र हैं और वर्तमान में यहां करीब तीन हजार से अधिक छात्र पढ़ते हैं।


याची के अनुसार 2012 में इन केंद्रों में पढ़ने वाले छात्रों को डिग्री देने के लिए राजस्थान के मेवाड़ विश्वविद्यालय से करार किया गया था। लेकिन यूजीसी ने यह कहते हुए इसे अवैध करार कर दिया कि कोई विश्वविद्यालय अन्य राज्यों के इंस्टीट्यूट के छात्रों को डिग्री नहीं दे सकता है।

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