उत्तराखंड के दो विश्वविद्यालय होंगे एक, बनेगा नया विवि
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय और एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी को मर्ज करने की प्रक्रिया पर मुहर लग गई है। शासन में हुई अहम बैठक के बाद तय हुआ है कि अब विवि का नया नाम ‘हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विश्वविद्यालय’ होगा। इस संबंध में 28 दिसंबर को मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई थीं।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद हुई बैठक में तय किया गया कि उत्तराखंड आयुर्वेद विवि और एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी का एकीकरण किया जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। नए विवि का परिसर हर्रावाला स्थित आयुर्वेद विवि वाला परिसर ही रहेगा।
यह विवि प्रदेश के एलोपैथिक चिकित्सा संस्थानों, महाविद्यालयों, आयुष चिकित्सा संस्थानों और महाविद्यालयों को संबद्धता देगा। इस एकीकृत विवि के परिसर में शिक्षण कार्य निषिद्ध होगा। संबद्धता के अलावा केवल शोध एवं प्रसार का किया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा विवि एवं आयुर्वेद विवि अधिनियमों को निरस्त करके हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विवि विधेयक एक माह के भीतर तैयार किया जाएगा, जिसके लिए दोनों विवि के कुलसचिवों की समिति बनाई गई है।
नए विवि का एक्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून नए विवि के अंगीकृत संस्थान होंगे। शैक्षिक सत्र 2016-17 से ही विवि से संबद्ध समझे जाएंगे। इसके लिए साथ ही भविष्य में जितने भी चिकित्सा संस्थान शुरू होंगे, उनकी संबद्धता इसी विवि से की जाएगी।
उत्तराखंड तकनीकी विवि, गढ़वाल केंद्रीय विवि और कुमाऊं विवि से संबद्ध चिकित्सा शिक्षा संस्थान (निजी, सेल्फ फाइनेंस एवं राजकीय) सत्र 2016-17 से ही नए विवि से संबद्ध होंगे।
नए विवि के लिए नए सिरे से कुलपति और कुलसचिव की तैनाती की जाएगी। विवि से जुड़ी सभी नियुक्तियां अब नया विवि ही करेगा। बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव ओमप्रकाश, आयुर्वेद विवि के कुलपति प्रो. सत्येंद्र प्रसाद मिश्र, एचएनबी मेडिकल विवि के कुलपति प्रो. पीके गर्ग, सचिव वित्त अमित नेगी आदि मौजूद रहे।