डीयू के हिंदू कॉलेज के दो शिक्षक बर्खास्त
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साथी शिक्षकों से मारपीट करने के मामले में दिल्ली विवि के हिंदू कॉलेज के दो शिक्षकों को गवर्निंग बॉडी ने बर्खास्त कर दिया है। शुक्रवार देर रात हुई प्रबंध समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।
प्रबंध समिति के इस निर्णय पर कुलपति प्रो. दिनेश सिंह की मंजूरी मिलते ही अमल हो जाएगा। मारपीट का मामला बीते साल 27 अगस्त का है। कैंपस में एल्युमिनाई एसोसिएशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में शराब परोसने के मामले पर चर्चा के लिए स्टाफ एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई थी।
इसमें शिक्षकों के दो ग्रुप आपस में भिड़ गए थे। अक्तूबर में एक ग्रुप के दो शिक्षकों (अंग्रेजी व फिजिकल एजुकेशन) को निलंबित कर दिया गया था। बर्खास्त शिक्षकों का कहना है कि उन्हें पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।
कार्रवाई से शिक्षकों में रोष
दो शिक्षकों की बर्खास्तगी की कार्रवाई से हिंदू कॉलेज के शिक्षकों में भारी रोष है। शिक्षक इसको जल्दबाजी में की गई एकतरफा कार्रवाई बता रहे हैं। वहीं, निकाले गए शिक्षकों का कहना है कि उन्हें जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है।
मारपीट में शामिल दूसरे समूह के शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रबंध समिति के इस निर्णय पर कुलपति प्रो. दिनेश सिंह की मंजूरी मिलते ही अमल हो जाएगा।
डीयू शिक्षक संघ की अध्यक्ष नंदिता नारायण ने कहा कि शिक्षकों को बर्खास्त करना न्यायिक प्रणाली के खिलाफ है। मामले में शनिवार को डूटा ने कार्यकारिणी सदस्यों के साथ आपात बैठक की।
पक्ष रखने का नहीं मिला मौका
उनकी ओर से मामले को मंजूरी न देने की अपील कुलपति से की जाएगी। डॉ. नारायण ने कहा कि प्रबंध समिति का रवैया पक्षपात पूर्ण रहा है। शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।
प्रबंध समिति की बैठक में विवि के प्रतिनिधियों ने इस फैसले पर विरोध दर्ज कराया। इसके बावजूद यह फैसला लिया गया। उधर, मंगलवार को स्टाफ एसोसिएशन ने बैठक बलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, शिक्षक कॉलेज में तालाबंदी की तैयारी में हैं।