यूपी के इन कॉलेजों में पढ़ेंगे 'ट्रांसजेंडर' स्टूडेंट्स
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बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2015 में दाखिले के लिए अभी तक 22 ट्रांसजेंडर आवेदन कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा के आवेदन फॉर्म पर पहली बार ट्रांसजेंडर का अलग कॉलम बनाया गया है।
बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड जेंडर पर अपना जब ऐतिहासिक फैसला दिया तो बीएड के फॉर्म बिकने की अंतिम तारीख बीत चुकी थी। फिलहाल इस बार जो ट्रांसजेंडर बीएड की प्रवेश परीक्षा देंगे और उसमें सफल होंगे उन्हें बॉयज कॉलेज में दाखिला दिया जाएगा।
बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरे जा रहे हैं। अभी तक बीएड में कुल 130693 स्टूडेंट्स ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसमें से 90126 स्टूडेंट ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा कर चुके हैं।
अभी रजिस्ट्रेशन 7 मार्च तक होंगे। 10 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद अभ्यर्थी को 15 मार्च तक डाक के माध्यम से अपने ऑनलाइन आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट भेजना होगा।
लड़कियों ने लड़कों से ज्यादा किए आवेदन
लखनऊ विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अब ऑनलाइन आवेदन फॉर्म की अंतिम तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी। स्टूडेंट हर हाल में 7 मार्च तक अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें।
बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के कॉर्डिनेटर प्रो. वाईके शर्मा ने बताया कि बीएड में दाखिला पाने वाले ट्रांसजेंडर बॉयज कॉलेजों में पढ़ेंगे। शासन के निर्देशों के अनुसार बीएड की काउंसलिंग में इन्हें ऐसे कॉलेज जिसमें बॉयज पढ़ते हैं, वहीं पर दाखिला दिया जाएगा। लखनऊ विश्वविद्यालय बीएड की ऑनलाइन काउंसलिंग में इनके लिए मेरिट के अनुसार ऐसे ही कॉलेजों का विकल्प सामने रखेगा।
बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वालों में छात्राओं की दिलचस्पी छात्रों की तुलना में अधिक है। अभी तक महिला वर्ग में 52880 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है जबकि 28445 पुरुषों ने आवेदन किया है। ऐसे में लड़कियां अभी लड़कों से आगे चल रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के पदों पर महिलाओं को भर्ती में वरीयता मिलती है।