देश के टॉप बोर्डिंग स्कूल पहुंचे चंडीगढ़, जानिए क्यों

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 20 Jan 2014 01:44 PM IST
Top Boarding Schools in Chandigarh
स्कूली स्तर पर क्वालिटी एजूकेशन दिलवाने के लिए ट्राइसिटी के लोग अपने बच्चों को शहर से मीलों दूर भेजने को तैयार हैं। कुछ ऐसा ही नजारा सेक्टर-17 शिवालिक होटल में देश भर के टॉप नेशनल और इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूलों की एग्जीबिशन में दिखाई दिया।

18 और 19 जनवरी को शिवालिक होटल में 10वीं इंडिया एंड इंटरनेशनल प्रीमियर स्कूल एग्जीबिशन-2014 का आयोजन किया गया।

देश भर के 25 से अधिक बोर्डिंग प्राइवेट स्कूल ट्राइसिटी के बच्चों को अपने स्कूल में दाखिला देने के लिए पहुंचे। दो दिन में दो हजार से अधिक अभिभावक इस एग्जीबिशन में जानकारी लेने के लिए पहुंचे।

इन स्कूलों में रहने और पढ़ाई के लिए अभिभावक 3 से 6 लाख फीस देने को भी तैयार हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के बेहतर कैरियर से बढ़कर कुछ नहीं।

एग्जीबिशन में बंगलौर के ग्रीनवुड हाई स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के मोहाली स्थित किंबरले इंटरनेशनल स्कूल, यूनिसन वर्ल्ड स्कूल, पाथवे वर्ल्ड स्कूल, इंडियन पब्लिक स्कूल आदि शामिल थे। इवेंट मैनेजर विवेक शुक्ला ने कहा कि आजकल अभिभावकों का फोकस इंटरनेशनल लेवल के स्कूलों पर है।

उन्होंने कहा कि अभिभावक अब बच्चों को दूसरे राज्यों के नामी स्कूलों में भेजने को तैयार हैं। मोहाली स्थित किंबरले इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल नीरू शर्मा ने कहा कि किसी भी स्कूल की टीचिंग और लर्निंग मैथडलॉजी काफी मायने रखती है।

एटीएस वैली स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि अब ब्लैक बोर्ड की जगह नई टेक्नोलॉजी का जमाना है। ऐसे में नए स्कूल नए करीकुलर के हिसाब से खुद को तैयार करते हैं।

लड़कियों के लिए काफी विकल्प:
लड़कियों के लिए बोर्डिंग स्कूल का विकल्प तलाश रहे ट्राइसिटी के अभिभावकों के लिए एग्जीबिशन में काफी च्वॉयस थी। एग्जीबिशन में करीब आधा दर्जन इंटरनेशनल स्तर के स्कूल सिर्फ लड़कियों के लिए थे।

इन स्कूलों में यूनीसन वर्ल्ड स्कूल, द दून गर्ल्स स्कूल, उदयपुर स्थित हैरीटेज गर्ल्स स्कूल को लेकर अभिभावकों ने काफी जानकारी हासिल की।

फिंगरप्रिंट से जानी बच्चों की पर्सनैलिटी
शिवालिक होटल में नामी बोर्डिंग स्कूल एग्जीबिशन में अभिभावकों के लिए एक खास काउंटर भी था। डोर्स साइनेपसाइस द्वारा एग्जीबिशन में आने वाले अभिभावकों को बच्चों की पर्सनैलिटी और उनके फ्यूचर को लेकर एक खास फिंगरप्रिंट टेस्ट हो रहा था।

डोर्स साइनेपसाइस के कोऑर्डिनेटर अक्षित ने बताया कि बच्चों की उंगलियों और हथेलियों के प्रिंट से बच्चे की क्रिएटिविटी और उसके कैरियर के चुनाव के बारे में बताया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 100 से अधिक अभिभावकों ने यह टेस्ट कराया। टेस्ट की फीस 2500 रुपये रखी गई थी। परिवार के साथ एग्जीबिशन में पहुंची अंशू मरवाह ने बताया कि बेटी जयशना का भी उन्होंने फिंगरप्रिंट टेस्ट कराया है।

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