{"_id":"dfb933746d968e4e62d45c78020bccbc","slug":"to-know-the-importance-of-dogitalization-go-there","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिजिटलाइजेशन का महत्व जानना है तो यहां जाएं","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
डिजिटलाइजेशन का महत्व जानना है तो यहां जाएं
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 16 Nov 2013 09:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगले सप्ताह सीआईआई में शुरू होने वाले डेस्टिनेशन आईटी नॉर्थ के अंतर्गत सेक्टर-26 स्थित चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) में डिजिटल सिग्नेचर वर्कशॉप सर्टिफिकेट विषय पर सेमिनार हुआ।
सेमिनार का आयोजन चंडीगढ़ के आईटी विभाग, सीआईआई और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया द्वारा किया गया। सेंटर फार डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सीडैक) के एक्सपर्ट डॉ. बालाजी राजेंद्रन, कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंग अथॉरिटी के विकास चौरसिया, नेशनल इंफारमेटिक्स सेंटर चंडीगढ़ के सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर विवेक वर्मा ने डिजिटल सिग्नेचर के बारे में जानकारी दी।
विवेक वर्मा ने कहा कि जल्द ही चंडीगढ़ में 64 में से 25 सिटिजन सेंट्रिक सेवाएं लागू की जाएंगी। ये सेवाएं इलेक्शन, फूड, सिविल सप्लाई, इंजीनियरिंग से संबंधित होंगी। इसमें डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग महत्वपूर्ण होगा।
विज्ञापन
इससे विभागीय सेवाओं को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके। सीडैक के डॉ. बालाजी राजेंद्र ने कहा कि सीसीए ने सात संगठनों को डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट देने के लिए मान्यता दी है।
सीसीए के विकास चौरसिया ने कहा कि डिजिटिल सिग्नेचर आयकर के अंतर्गत भी मान्य हैं। खासतौर से सरकारी सेवाओं में इसको मान्यता दी जाती है।
विज्ञापन
सेमिनार का आयोजन चंडीगढ़ के आईटी विभाग, सीआईआई और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया द्वारा किया गया। सेंटर फार डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सीडैक) के एक्सपर्ट डॉ. बालाजी राजेंद्रन, कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंग अथॉरिटी के विकास चौरसिया, नेशनल इंफारमेटिक्स सेंटर चंडीगढ़ के सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर विवेक वर्मा ने डिजिटल सिग्नेचर के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
विवेक वर्मा ने कहा कि जल्द ही चंडीगढ़ में 64 में से 25 सिटिजन सेंट्रिक सेवाएं लागू की जाएंगी। ये सेवाएं इलेक्शन, फूड, सिविल सप्लाई, इंजीनियरिंग से संबंधित होंगी। इसमें डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग महत्वपूर्ण होगा।
विज्ञापन
इससे विभागीय सेवाओं को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके। सीडैक के डॉ. बालाजी राजेंद्र ने कहा कि सीसीए ने सात संगठनों को डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट देने के लिए मान्यता दी है।
सीसीए के विकास चौरसिया ने कहा कि डिजिटिल सिग्नेचर आयकर के अंतर्गत भी मान्य हैं। खासतौर से सरकारी सेवाओं में इसको मान्यता दी जाती है।