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राजधानी के इन तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में लगेगा ताला

Sat, 10 May 2014 08:11 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 10 May 2014 08:11 AM IST
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three engineering colleges will shut down

यूपीटीयू की संबद्धता समिति की शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें प्रदेश भर में 13 इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों को बंद करने की सशर्त छूट दी गई है। इसमें से तीन इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेज राजधानी के हैं।

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वहीं, राजधानी में चार इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेज ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपने यहां बीटेक की कुछ ब्रांच बंद करने की अनुमति मांगी है। फिलहाल, कुलपति डॉ. आरके खांडल ने बैठक में दो टूक कहा कि कॉलेज कोर्स बंद करें या फिर अपना कैंपस।
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इससे पहले इसका ठोस कारण हमें बताना होगा। उन्हें एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताना होगा कि किस तरह कोर्स की डिमांड घट रही है और उनके यहां स्टूडेंट नहीं आ रहे हैं।
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फिलहाल, संबद्धता समिति की बैठक में जिन 650 कॉलेजों की फाइल रखी गई, उन्हें अब शासन को अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है और इसे 15 मई से पहले संबद्धता का नवीनीकरण करने की संस्तुति की गई है। बैठक में शासन की ओर से कोई नुमाइंदा नहीं आया।

शुक्रवार को यूपीटीयू में हुई संबद्धता समिति की बैठक में प्रदेश भर में 13 इंजीनियरिंग व मैनेजेंट कॉलेजों को बंद करने का मुद्दा रखा गया। इसके अलावा कई कॉलेजों में एमबीए व बीटेक के इन्फॉरमेेशन टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर साइंस व इलेक्ट्रिकल्स अधिक प्रमुख हैं।

कुलपति डॉ. आरके खांडल के सामने कई कॉलेजों में इन ब्रांच की सीटें कम करने का भी प्रस्ताव था। कुलपति डॉ. आरके खांडल का कहना है कि आखिर कोर्स न चल पाने के पीछे वजह क्या है? कॉलेज कहां पर मात खा रहे हैं।

इसके बारे में हमें भी फीडबैक मिलना चाहिए, ताकि आगे इसे बेहतर करने की कोशिश की जाए। डॉ. खांडल ने कहा कि कॉलेज बंद करने व कोर्स बंद करने की मंजूरी इसी शर्त पर दी है कि कॉलेज अपना प्रेजेंटेशन हमें दिखाएं।

कुलपति डॉ. आरके खांडल चाहते हैं कि यूनिवर्सिटी प्रशासन कॉलेज को पूरी तरह सहायता दे। फिलहाल, इस पूरे मुद्दे को लेकर बैठक में काफी बहस हुई। कुलपति ने आखिरकार कॉलेजों से इस पर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है, ताकि वास्तविक कारण पता चल सके।

राजधानी में यह तीन कॉलेज होंगे बंद
सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कानपुर रोड लखनऊ
जाकिस्टा एजुकेशन इंस्टीट्यूट, लखनऊ
प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, लखनऊ

राजधानी में इन चार कॉलेजों में यह कोर्स होगा बंद
सरस्वती बिजनेस स्कूल में एमबीए, हिमालयन इंस्टीट्यूट में बीटेक इन्फॉरमेेशन टेक्नोलॉजी व बीटेक इलेक्ट्रिकल, एसआर ग्रुप इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक कम्प्यूटर साइंस, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स, श्री इंजीनियरिंग कॉलेज में एमबीए।

प्रदेश में इन कॉलेजों पर लगेगा ताला
रामा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, आर बी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नोएडा, सुंदरदीप कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग गाजियाबाद, मुरली मनोहर इंस्टीट्यूट मथुरा, सीवीएस ग्रुप ऑफ कॉलेज मेरठ, शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सहारनपुर आदि शामिल हैं।

40 इंजीनियरिंग कॉलेजों की फंसेगी संबद्धता
यूपीटीयू में 650 इंजीनियरिंग कॉलेज, जिनकी संबद्धता का शैक्षिक सत्र 2014-15 में नवीनीकरण होना है, उनमें से 40 ऐसे चिह्नित किए गए थे, जिन्होंने संबद्धता के मानक पूरे नहीं किए थे।

इसकी जांच के लिए कुलपति ने मेंटर की नियुक्ति कर दी थी। कुलपति डॉ. आरके खांडल का कहना है कि मेंटर की जांच रिपोर्ट अभी आई नहीं है। फिर संबद्धता समिति की बैठक में जिस अधिकारी को इसकी रिपोर्ट रखनी चाहिए थी उसने भी कोई जानकारी नहीं दी।

अगर मेंटर की रिपोर्ट में इन्हें संबद्धता की हरी झंडी नहीं दी गई होगी तो फिर नए शैक्षिक सत्र से इन्हें संबद्धता नहीं दी जाएगी। इस मुद्दे पर रजिस्ट्रार से लिखित जवाब मांगा गया है। इसमें भी करीब छह इंजीनियरिंग कॉलेज लखनऊ के हैं।

संबद्धता के 20 करोड़ कहां गए यूपीटीयू को पता नहीं
उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) में कॉलेजों की संबद्धता के लिए निर्धारित फीस जमा कराई गई थी। यह फीस करीब 20 करोड़ रुपये के लगभग है। इसे किस खाते में जमा किया गया है, इसकी जानकारी यूपीटीयू के शीर्षस्थ अधिकारियों को नहीं है।

अब मामला खुलने के बाद यूपीटीयू प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है। फिलहाल, अब सामने यह आ रहा है कि आरटीजीएस से यह रकम किसी अन्य खाते में जमा की गई है जो संभवत: यूपीटीयू से ही जुड़ा है।


लेकिन इस मामले को अभी तक छिपाया क्यों गया और इसे अधिकारियों के संज्ञान में क्यों नहीं लाया गया अब इसकी भी जांच हो रही है। कहीं इस रकम में भी बड़ा खेल तो नहीं हुआ इस पर पूरी नजर रखी जा रही है।

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