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यूपी में स्कॉलरशिप के लिए आए हजारों आवेदन संदिग्ध!

Sun, 10 Jan 2016 03:28 PM IST
Updated Sun, 10 Jan 2016 03:28 PM IST
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thousand scholarship application are suspected

माध्यमिक स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदन गलत ढंग से संदिग्ध श्रेणी में रख दिए गए हैं। दरअसल यूपी बोर्ड से पंजीकरण संख्या मिलने के पहले ही जांच पूरी कर ली गई।

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नतीजतन, बोर्ड के रिकॉर्ड में इन छात्रों का पंजीकरण न पाए जाने पर उन्हें संदिग्ध मान लिया गया। पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक पुष्पा सिंह का कहना है कि इस तरह के मामले उनकी जानकारी में आए हैं, जिन्हें ठीक करने के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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वर्ष 2015-16 में छात्रवृत्ति के लिए कक्षा-11 और 12 के6.04 लाख छात्रों के आवेदन जिलों से अग्रसारित किए गए। इनमें से 2.74 लाख छात्रों को संदिग्ध श्रेणी में रख दिया गया है।
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इसी तरह से कक्षा-9 और 10 के 4.64 लाख छात्रों के आवेदन अग्रसारित किए गए। इनमें से महज 87894 छात्रों को ही पात्र माना गया, बाकी छात्रों के आवेदन संदिग्ध श्रेणी में रख दिए गए।

गलत तरीके से रिजेक्ट कर दिए गए स्टूडेंट्स

thousand scholarship application are suspected

यानी, छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले कक्षा-9 से 12 तक के 10.68 लाख छात्रों में से 6.39 लाख को संदिग्ध माना गया है। ज्यादातर मामलों में संदिग्ध मानने का आधार या तो यूपी बोर्ड के रिकॉर्ड में छात्रों का पंजीकरण न होना है या उसका गलत पाया जाना है।

लेकिन, अब संबंधित कल्याण विभागों के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने जब बोर्ड के रिकॉर्ड से पंजीकरण संख्या का मिलान किया तो अच्छी खासी तादाद में छात्रों को पंजीकरण संख्या उसके बाद दी गई। ऐसे में इन छात्रों को संदिग्ध मानना ठीक नहीं है।

बड़े पैमाने पर छात्रों के आवेदन रिजेक्ट कर देने के बारे में समाज कल्याण विभाग ने अभी तक हमें कोई जानकारी नहीं दी है। हमने समाज कल्याण विभाग को इस साल के कक्षा-9 और 11 के छात्रों की पंजीकरण संख्या सीडी के माध्यम से भेज दी थी। फिलहाल इससे ज्यादा कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हूं।
शैल यादव, सचिव, यूपी बोर्ड

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