{"_id":"04b5f7fa6bd704e63b292cc2009d36d7","slug":"this-strategy-has-made-over-sca-hpu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एससीए को लेकर एचपीयू ने बनाई ये रणनीति","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
एससीए को लेकर एचपीयू ने बनाई ये रणनीति
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 26 Sep 2014 06:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश विश्वविद्यालय का दावा है कि अब तक उन्हें मनोनयन से चुनी गई एससीए की संयुक्त सचिव पल्लवी का ही इस्तीफा मिला है।
विज्ञापन
पल्लवी ने इस्तीफे में लिखा है कि वह यह कार्यभार संभालने की इच्छुक नहीं हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव के इस्तीफे वीरवार देर शाम तक नहीं पहुंचे हैं।
शुक्रवार को अगर बाकी सदस्य भी इस्तीफा देते हैं तो विवि प्रशासन मेरिट के आधार पर नई एससीए का मनोनयन करेगा।
विवि प्रशासन ने बुधवार को एससीए का मनोनयन किया था। इसके बाद नवनियुक्त कार्यकारिणी के इस्तीफों की अटकलें तेज हो गईं।
पहली बार मनोनयन से एससीए गठन में बॉयोसाइंस तृतीय सत्र की ज्योति शर्मा को अध्यक्ष गणित विभाग की प्रीति देवी को उपाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग प्रथम सत्र की दामिनी जिन्हा महासचिव, जबकि पल्लवी केमिस्ट्री विभाग को सह सचिव मनोनित किया गया।
विज्ञापन
विवि और इससे संबद्ध 112 कॉलेजों में मेरिट आधार पर पहली बार मनोनयन कर एससीए पदाधिकारियों की सूची जारी की गई।
विवि की मनोनीत एससीए में मुख्य चार पदों में से दो पर मेरिट आधार पर मनोनीत छात्राओं के पद से तत्काल इस्तीफा देने की बात की गई।
महासचिव पद पर मनोनीत दामिनी ने पद से इस्तीफा देने की लिखित पेशकश की, लेकिन वीरवार तक इनका इस्तीफा नहीं पहुंचा।
नवनियुक्त कार्यकारिणी सदस्य ने कहा कि उन्हेें एससीए महासचिव पद के लिए मनोनीत किया गया है, लेकिन उनकी सहमति नहीं ली है।
वह फीस बढ़ोतरी के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन को समर्थन देते हुए इस पद से इस्तीफा देना चाहती हैं। विवि के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर एमएस चौहान ने कहा कि दोपहर ढाई बजे केवल एक पदाधिकारी पल्लवी का इस्तीफा पहुंचा है।
विज्ञापन
सभी ने इस्तीफा दिया तो क्या होगा
एससीए के सभी पदाधिकारी अपने पद से इस्तीफा देते हैं तो विवि प्रशासन का अगला कदम क्या होगा? इस पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। विवि प्रशासन का कहना है कि यह मनोनयन मेरिट के आधार पर किया गया है।
अगर यह छात्र पदों पर रहने के इच्छुक नहीं रहते तो मेरिट पर ही अगले छात्रों को मौका दे दिया जाएगा। विवि प्रशासन का कहना है इस पर एक्सरसाइज तभी होगी, जब सभी पदाधिकारियों के इस्तीफे विवि के पास पहुंच जाएंगे।