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धूप से मिलेगी इस कार को इनर्जी, दौड़गी सरपट
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 27 Oct 2013 12:44 PM IST
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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने देहरादून वासियों को परेशान कर रखा है। ऐसे में लोग आवाजाही के लिए सस्ते विकल्प की तलाश में हैं।
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शुक्रवार को राजधानी में आयोजित केंद्रीय विद्यालयों की 21वीं चिल्ड्रन्स साइंस कांग्रेस में लोगों की इसी सोच को सामने रखा गया। यहां केवी आईटीबीपी गौचर के छात्र तरुष रैवानी की वेस्ट मैटीरियल से बनी कार ने वैज्ञानिकों का न सिर्फ ध्यान खींचा, बल्कि उसे पहला स्थान भी दिलाया।
काई और खराब बेजीटेबल ऑयल
केवी गौचर में 9वीं के छात्र तरुष ने बताया कि उनकी बनाई कार सौर ऊर्जा और बायो फ्यूल से चलती है। जैसे बॉलीवुड की फिल्म कृष में दूसरे ग्रह से आया प्राणी धूप से अपनी ताकत लेता था उसी तरह यह कार भी सौर ऊर्जा से चलेगी। खास बात यह है कि बायो फ्यूल काई और खराब वेजीटेबल ऑयल से बनाया गया है। तरुष की कार देख एफआरआई, वाडिया इंस्टीट्यूट, आईआईआरएस, सेंट्रल सॉयल कंजर्वेशन इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक भी चकित रह गए।
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तरुष ने बताया कि पिछले साल जूनियर सेक्शन में उन्होंने मेडिकल कचरे के सही उपयोग का मॉडल बनाया था, जो राष्ट्रीय स्तर तक सराहा गया। इस मॉडल में उन्होंने मेडिकल कचरे की ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में क्रिया कर सिंथेटिक गैस, बायो फ्यूल, मेथेन गैस बनाई थी।
सेंट्रल सॉयल कंजर्वेशन के वैज्ञानिक डॉ. आरसी जखमोला ने कहा कि यह प्रतिभा देखकर कहा जा सकता है कि देश का वैज्ञानिक भविष्य सुरक्षित है।
आपदा में बड़े काम का बैग
केंद्रीय विद्यालय मिरथी डीडीहाट, पिथौरागढ़ से आए 11वीं के छात्र प्रांजल शर्मा ने सोलर पावर्ड बैग बनाया है। उन्हें इसकी प्रेरणा आपदा से मिली। प्रांजल ने बताया कि इस बैग पर एक सोलर प्लेट लगी है जो भीतर एक बैटरी से कनेक्टेड है।
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बैटरी से एक कनेक्शन एलईडी लाइट, एक कनेक्शन मल्टी चार्जर और एक कनेक्शन एंटरटेनमेंट डिवाइस से होता है। यानी अंधेरा होने पर एलईडी लाइट जला सकते हैं। मल्टी चार्जर से मोबाइल और लैपटॉप की बैटरी चार्ज की जा सकती है। इस बैग को राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए चुना गया है।
इन मॉडलों ने खींचा ध्यान
केवी एफआरआई की 11वीं की छात्रा स्वाति रावत का एलईडी विदआउट बैटरी मॉडल, केवी आईटीबीपी की 9वीं की छात्रा का द मोर ट्रैफिक-द मोर इलेक्ट्रिसिटी, केवी आईटीबीपी की छात्रा साक्षी चौहान का प्लास्टिक से बायो फ्यूल बनाने का मॉडल, शुभम लसपाल का ग्राउंड सोर्स हीट पंप भी काफी सराहा गया।
इन छात्रों का हुआ चयन
सीनियर साइंटिस्ट वर्ग में तरुष रैवानी, विवेक सिंह, प्रांजल गर्ग, सुष्मिता, अक्षत भट्ट, शेफाली भाटिया, गौरव, सोनिया राणा, ईशान पांडे, स्वाति रावत, प्रांजल शर्मा, पार्थ, एन आदितियन और भावेश का चयन किया गया। जूनियर साइंटिस्ट वर्ग में सृष्टि जगवान, जयेश सिंह, मोहित जोशी, प्राची धीमान, सौरभ आर्य और ऋचा दुबे का चयन किया गया।
केवी एफआरआई की प्रिंसिपल चारु शर्मा ने बताया कि चयनित छात्र 29 नवंबर से एक दिसंबर तक भोपाल में राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस में मॉडल प्रदर्शित करेंगे। कांग्रेस में शिक्षक पीयूष निगम, चंपा नेगी, संगीता खुराना, डीके ममगाईं, साधना दुसेजा, रीता पांडे, के कुटियाल, माधवी सिंह और चित्रा जोशी का खास सहयोग रहा।
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