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सीबीएसई ने किया यूजीसी नेट में बड़ा फेरबदल

Sun, 12 Apr 2015 02:31 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मंडी
ब्यूरो/ अमर उजाला, मंडी Updated Sun, 12 Apr 2015 02:31 PM IST
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The UGC NET major overhaul in CBSE.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नेशनल इलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) 2015 में बड़ा बदलाव किया है। अब आवेदकों को आवेदन करते समय परीक्षा के लिए चार शहरों का चयन करना होगा।

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इन्हीं में से किसी एक शहर में परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में नकल की बढ़ती शिकायतों के बाद सीबीएसई ने यह निर्णय लिया है।
तीनों वर्गों का परीक्षा शुल्क भी बढ़ा दिया है।

सामान्य छात्रों को 450 की जगह 600 रुपये, ओबीसी को 250 की जगह 300 रुपये, एससी/एसटी छात्रों को 110 की 250 रुपये फीस चुकानी होगी। सीबीएसई ने जून 2015 की परीक्षा का आवेदन पत्र टेस्टिंग के लिए वेबसाइट पर डाल दिया है। परीक्षा 28 जून को होगी।
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आवेदन पत्र में तीसरा कॉलम परीक्षा के लिए शहरों के चुनाव करने का है। परीक्षार्थियों को चारों कॉलम के लिए एक-एक शहर चुनना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के लिए शहर का आवंटन रैंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर से किया जाएगा।
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आवेदक जिन चार शहरों को चुनेंगे। उनमें से कोई एक शहर रैंडमाइजेशन के तहत आवंटित होगा। यूजीसी को शिकायतें मिल रही थीं कि परीक्षा पैटर्न में बदलाव होने के बाद नकल बढ़ गई है। साथ ही आवेदन पत्र में एक और फील्ड जोड़ दी गई।

जून और दिसंबर में होता है नेट

The UGC NET major overhaul in CBSE.

इसमें आवेदकों को अपना यूनिक आधार नंबर देना होगा। हालांकि, यह फील्ड अनिवार्य नहीं है। उधर, ए-वन सॉफ्टवेयर एंड सॉल्यूशन सेंटर मंडी के एमडी छोविंद्र कुमार ने बताया कि सीबीएसई नेट के आवेदन में फेरबदल किया गया है।

ऑनलाइन वेबसाइट में ट्रायल आवेदन अपलोड किया गया है। इसमें परीक्षा केंद्रों के लिए चार विकल्प दिए गए हैं।

हर वर्ष जून और दिसंबर में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा होती है। स्नातकोत्तर में 55 प्रतिशत या इससे अधिक नंबर पाने वाले आवेदन करते हैं।

इसमें सफल होने वाले छात्र विश्वविद्यालय, महाविद्यालय सहित अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में सहायक प्र्रोफेसर के पद पर नियुक्ति की पात्रता हासिल करते हैं।

इसके जरिये पीएचडी और डीफिल में दाखिला भी मिलता है। इस परीक्षा के जरिये जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) भी अवार्ड की जाती है।


प्रदेश में हैं दो सेंटर
प्रदेश में नेट के लिए दो सेंटर धर्मशाला और शिमला तय किए गए हैं। हिमाचल से नजदीक वाले सेंटर में चंडीगढ़, पटियाला और नई दिल्ली के विकल्प मौजूद हैं। पूर्व में निर्धारित सेंटर पर ही परीक्षा करवाई जाती थी।

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