विदेशों में भी हिट हुआ एसओएल का रीडिंग मैटीरियल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्च शिक्षण संस्थानों में खास पहचान रखने वाला दिल्ली विश्वविद्यालय पाठ्य सामग्री को लेकर भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। दरअसल, डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) रीडिंग मैटीरियल को देश से लेकर विदेश तक काफी हिट्स मिल रहे हैं।
इसका अदांजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत में इस रीडिंग मैटीरियल को देखने वालों की संख्या डेढ़ लाख से ऊपर है वहीं सुपर पावर अमेरिका में भी पांच हजार से अधिक बार इस मैटीरियल को देखा जा चुका है।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग केनिदेशक सी.एस दुबे ने बताया कि देश में तो रीडिंग मैटीरियल का पसंद किया जाना स्वाभाविक है, लेकिन एसओएल पाठ्य सामग्री को विदेशों में भी देखा जा रहा है।
चूंकि डीयू का एसओएल पत्राचार माध्यम से पढ़ाई कराता है। ऐसे में विदेशों से मिल रहे हिट्स के कारण हमें यह पता चल रहा हैकि यह कितना उपयोगी है।
जानिए कहां से मिले कितने हिट्स
विदेशों में इस मैटीरियल का क्या लाभ है इस पर उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थानों को भी मैटीरियल से काफी कुछ सीखने को मिल सकता है। इस तरह से हमें यह जानने में भी मदद मिल रही है कि मैटीरियल की क्वालिटी को किस हद तक बढ़ाया जा सकता है।
मालूम हो कि एसओएल ने अपने रीडिंग मैटीरियल को ऑनलाइन अपलोड करने की शुरुआत वर्ष 2014 से की थी। शुरुआत में तो भारत से ही पाठ्य सामग्री को हिट्स मिल रहे थे। लेकिन बाद में देखा गया कि यूएस, पाकिस्तान, हांगकांग, मलयेशिया, यूके, व यूएई देशों से भी काफी हिट्स आए।
कहां से कितने हिट्स-
भारत से 1 लाख 61 हजार से अधिक हिट्स आ चुकेहैं, जहां तक विदेशों की बात हैं तो यूएस से साढ़े पांच हजार से अधिक हिट्स मिले हैं। इतना ही नहीं पाकिस्तान से भी 27 सौ से अधिक लोग पाठ्य सामग्री को देख चुके हैं।
हांगकांग से 700 से अधिक, जापान से 850 से अधिक, यूके से 600 से अधिक, यूएई से लगभग 600, व मलयेशिया से 650 हिट्स आए हैं। इस तरह से मिल रहे हिट्स का अब पूरा रिकॉर्ड रखा जा रहा है।