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फेल न किए जाने का प्रावधान होगा खत्म
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 Nov 2015 04:26 AM IST
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राजधानी के स्कूलों में आठवीं तक बच्चों को फेल नहीं करने का प्रावधान खत्म होने जा रहा है। इस तरह अब बच्चों को फेल होने से बचने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। दरअसल दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (दिल्ली संशोधन) विधेयक लेकर आई है, जिसमें आठवीं तक बच्चों को फेल नहीं करने का प्रावधान हटाने का प्रस्ताव है।
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दिल्ली विधानसभा में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार विधेयक प्रस्तुत किया। यह प्रस्ताव विस में चर्चा होने के बाद पास होगा। सदन में आप सरकार का बहुमत होने के चलते यह प्रस्ताव पास होने की पूरी संभावना है।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि वर्तमान नीति में भारी कमी है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को कोई लाभ नहीं हो रहा है। इसी तरह अभिभावकों को भी कोई फायदा नहीं पहुंच रहा। आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान नीति के चलते पिछले तीन साल से छटी से आठवीं तक सीसीई फॉर्मेट में बच्चों के फेल होने की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है।
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यह नीति लागू करते समय भले ही अच्छी रही हो मगर अब इस पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार एक टीचर यूनिवर्सिटी बनाने पर विचार कर रही है, जिसमें शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। उनका लक्ष्य टीचरों की गुणवत्ता का सुधार करना है। इसके लिए कांप्रीहेंसिव ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया जाएगा।