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TGT भर्तीः एक समस्या खत्म हुई नहीं, दूसरी खड़ी कर दी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 24 Jun 2015 10:27 AM IST
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चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से 548 टीजीटी पदों की भर्ती का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अभ्यर्थियों की शिकायत पर विभाग ने पहले रिजल्ट को बदला और अब फिर मेरिट लिस्ट पर सवाल उठ रहे हैं।
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मंगलवार को शिक्षा विभाग ने टीजीटी इंग्लिश विषय की मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए सेक्टर-19 गवर्नमेंट स्कूल में बुलाया। विभाग की ऑब्जेक्शन लिस्ट देखकर कई अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग के सामने सवाल उठाए। लेकिन किसी की सुनवाई नहीं हुई।
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डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए पहुंची एक कैंडिडेट ने बताया कि शिक्षा विभाग ने इंग्लिश विषय की पोस्ट के लिए ग्रेजुएशन स्तर पर इलेक्टिव इंग्लिश जरूरी किया था। लेकिन अब विभाग ऐसे कैंडिडेट्स को भी मेरिट लिस्ट में शामिल रखा है, जिनके पास इलेक्टिव इंग्लिश नहीं था।
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विभाग ने ऐसे कैंडिडेट्स को संबंधित यूनिवर्सिटी से इंग्लिश कंपल्सरी, ऑनर्स और फंक्शन इंग्लिश को इलेक्टिव के बराबर का सर्टिफिकेट जमा करने की अनुमति दे दी। शिक्षा विभाग के इस फैसले से इलेक्टिव विषय वाले कई अभ्यर्थियों का मेरिट से नंबर कट गया है।
जानकारी के अनुसार 46 पदों के लिए 72 कैंडिडेट्स को शॉर्ट लिस्ट किया गया। 44 कैंडिडेट्स ने ग्रेजुएशन इंग्लिश इलेक्टिव विषय से पास नहीं की है। शिक्षा विभाग पर मनमाने ढंग से भर्ती के बीच में नियम बदलने का आरोप लगाया गया है।
मामले को लेकर काउंसिलिंग में बैठे अधिकारियों को भी शिकायत दी गई। अब कई कैंडिडेट मामले को कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। उधर, कागजी कार्रवाई से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि अभी कैंडिडेट्स से सिर्फ डॉक्यूमेंट्स मांगे हैं। इस मामले पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।