मोदी जी! विंटर्स आ गईं, यूनिफॉर्म दिला दीजिए
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शहर के करीब 107 सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे एक लाख से अधिक स्टूडेंट को इस साल विंटर ड्रेस समय पर मिल पाना मुमकिन नहीं लग रहा है।
विभाग की लचर तैयारी की वजह से हर साल पहली से आठवीं क्लास के स्टूडेंट को मिलने वाली ड्रेस में देरी हो जाती है। इस बार भी विभाग ने सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट को ड्रेस देने के लिए पहले स्कूल स्तर पर टेंडर निकालने के आदेश दिए। लेकिन, टेंडर को अच्छा रिस्पांस नहीं मिला।
विभाग को अब सभी स्कूलों के लिए कॉमन टेंडर के लिए अखबारों में विज्ञापन देना पड़ा। सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट को पिछले कई सालों से कभी भी समय पर गर्मी और सर्दी की ड्रेस नहीं मिल पाती है। विभाग ने इस साल विंटर ड्रेस में जर्सी और जुराब भी देने का फैसला लिया है।
27 सितंबर तक मांगे आवेदन
स्कूलों में विंटर ड्रेस के लिए शिक्षा विभाग ने टेंडर प्रक्रिया की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। 27 सितंबर तक टेंडर के लिए आवेदन किया जा सकता है। 25 से 27 सितंबर तक सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में टेंडर जमा कराए जा सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, विभाग ने 15 नवंबर तक विंटर ड्रेस देने का टारगेट रखा है। लेकिन, टेंडर के बाद की प्रक्रिया पूरी होने में इससे अधिक समय लग सकता है।
पिछले साल दिसंबर के बाद मिली ड्रेस
सरकारी स्कूलों में अक्तूबर मध्य से विंटर ड्रेस शुरू हो जाती है। लेकिन, पिछले साल शिक्षा विभाग ने नवंबर में विंटर ड्रेस खरीदने का प्रोसेस शुरू किया था।
कई स्कूलों में तो दिसंबर बीतने के बाद भी ड्रेस नहीं मिल पाई थी। स्कूल प्रिंसिपल का आरोप है कि विभाग कभी भी समय पर ड्रेस खरीदने का प्रयास नहीं करता है।