सीट से उठते ही लॉक होगी मोटर, सेंसर से कंट्रोल होगी ट्राइ-साइकिल
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी(यूआईईटी) में चल रही एफिसाइकिल-2014 में दूसरे दिन शुक्रवार को फेस्ट में हिस्सा ले रही 87 एफिसाइकिल के टेक्निकल टेस्ट का दौर शुरू हुआ।
देर रात तक 18 टीमों ने क्वालीफाई कर लिया था। इंदौर स्थित एसजीएसआईटीएस टीम को बेस्ट स्लोगन अवार्ड मिल चुना गया है। शनिवार दोपहर तक फाइनल मुकाबले के लिए चुनी जाने वाली टीमों का चयन होगा।
स्मार्ट कार्ड से खुलेगा ट्राइसाइकिल का हैंडिल लॉक
पीईएस मार्डन कालेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे की टीम द्वारा तैयार ट्राईसाइकिल में खास रेडियो फ्रीक्वेंसी रीडर(आरएफडी) लगाया गया है। टीम मेंबर सौरभ ने बताया कि ट्राई साइकिल का हैंडल लॉक सिर्फ स्मार्ट कार्ड को पंच करने पर ही खुल सकेगा।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों से उनके मॉडल को बेस्ट डिजाइन का अवार्ड मिल रहा है। वाहन बनाने पर 40 हजार खर्च और 6 महीने का समय लगा। 2011 में इसी टीम को चैंपियन ट्राफी मिल चुकी है।
गाड़ी का इंजन गर्म होते ही बजेगा अलार्म
पिछले साल एफिसाइकिल-2013 की विजेता टीम रह चुकी एनआईसी दिल्ली (अर्जुन टीम) इस बार नए मॉडल के साथ मैदान में उतरी है। आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी ट्राई साइकिल में खास सेंसर लगाए गए हैं, जिससे गाड़ी गर्म होने या मौसम खराब होने पर तुरंत अलर्ट अलार्म बज जाएगा। साथ ही सीट पर खास सेंसर लगाया गया है जिससे ड्राइवर सीट पर बैठने पर ही गाड़ी चल सकेगी। इस वाहन की स्पीड 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहेगी।
एक साथ घूमेंगे तीनों पहिए
एफिसाइकिल-2014 में ग्रेटर नोएडा से गलकोटिया कालेज ऑफ इंजीनियरिंग की टीम का व्हीकल सबसे अलग है। एक साथ वाहन की तीनों पहियों को घुमाया जा सकेगा।
इस तकनीक से पूरी गाड़ी काफी कम जगह में ही घूम जाएगी। वाहन में सेंसर मोटर लगाई गई है, जिससे करेंट अधिक होने या अधिक प्रयोग से मोटर को नुकसान नहीं होगा।
टीम हेड आयुष श्रीवास्तव ने कहा कि टीम टेक्निकल बांधा को पार कर चुकी है। उन्होंने माना कि उनके मॉडल को इस बार अच्छी पोजिशन मिलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने गाड़ी का नाम एफएच-वन दिया है।
दोनों तरफ चलेगा वाहन
यूपीईएस देहरादून की टीम द्वारा तैयार ट्राईसाइकिल भी कुछ खास है। पूरे एफिसाइकिल फेस्ट में सिर्फ इसी टीम का वाहन ड्राइवर के बिना उतरे दोनों तरफ वाहन को मूव करा सकता है।
करीब 40 हजार की लागत से इस वाहन को तैयार करने में डेढ़ महीना लगा है। छात्र आकाश हांडा ने बताया पिछले साल भी टीम ने मार्केटिंग में पहला स्थान हासिल किया जबकि ओवर ऑल टीम चौथे स्थान पर रही थी।
सीसीईटी-26 टीम ने बनाया खास हैंडल
फेस्ट में हिस्सा ले रही चंडीगढ़ की लोकल टीम चंडीगढ़ कालेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) सेक्टर-26 ने ट्राईसाइकिल वाहन में खास हैंडल लगाया है।
टीम मेंबर अमित शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा हैंडल में सबसे कम जोड़ लगे हैं। उन्होंने बताया कि खास हैंडल को जल्द ही पेटेंट भी मिल जाएगा। पेटेंट की सर्च रिपोर्ट भी मिल चुकी है। व्हीकल में लगे ब्रेक कंबो से वाहन का बैलेंस भी बेहतर बना रहेगा।