पॉलीटेक्निक के 1400 छात्रों को बड़ा झटका
पॉलीटेक्निक कॉलेजों में दूसरे सेमेस्टर के 1400 छात्र और छात्राओं का रिजल्ट रोक दिया गया है। इन्हें विशेष छूट देकर पहले से दूसरे सेमेस्टर में दाखिला दिया गया था। अब तकनीकी शिक्षा बोर्ड तर्क दे रहा है कि पहले सेमेस्टर में दाखिला लो, इस तरह की छूट का प्रावधान नहीं है। बोर्ड के इस तर्क से छात्रों का एक साल बर्बाद हो जाएगा।
पिछले वर्ष आधे विषयों में उत्तीर्ण न होने की शर्त ये छात्र पूरी नहीं कर सके थे। इस कारण इन्हें दूसरे सेमेस्टर में दाखिला नहीं मिल रहा था। इन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उसके बाद सरकार से अपील की।
तब इन्हें एडमिशन तो मिल गई, लेकिन अब बोर्ड के रुख से इनका एक साल बर्बाद हो सकता है। बोर्ड ने रिजल्ट 5 सितंबर को घोषित कर दिया है। अब तक छूट पाने वाले छात्रों का रिजल्ट नहीं बताया गया है। ये छात्र बोर्ड के चक्कर काट रहे हैं। यहां इनको कहा जा रहा है कि पहले फर्स्ट सेमेस्टर में एडमिशन लो।
मुख्यमंत्री ने दी थी मंजूरी: बंसल
प्राइवेट तकनीकी संस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश बंसल कहते हैं कि हाईकोर्ट से क्लीयरेंस मिलने के बाद प्राइवेट पॉलीटेक्निक के प्रबंधक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिले थे। मुख्यमंत्री ने इस शर्त में विशेष छूट देते हुए अगले सेमेस्टर में एडमिशन लेने की मंजूरी दी थी। अब बोर्ड बेवजह अड़ंगा लगा रहा है। इससे छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है।
मंत्री ने कहा, और काम भी हैं मुझे
परिणाम निकाले जाने को लेकर प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव के साथ सोमवार को प्रशिक्षु मिले। इस दौरान उन्होंने मांग पत्र सौंपा और शीघ्र परिणाम निकालने की मांग की। प्रदीप, रिश्व शर्मा, अंकुश, दीपक, मुकेश धीमान, शुभम, श्रीकांत, अरूण चौहान, जीवन सिंह, राहुल, लक्ष्य, रोहित राणा, आशिफ, कमल, किशोर और अंकित ने बताया कि संस्थान भी अब उन्हें जानकारी नहीं दे रहे हैं। प्रशिक्षुओं का कहना है कि मंत्री से बात करने पर उनका जवाब मिला है कि उन्हें और भी कोई काम हैं।
जानकारी जुटाएंगे: बाली
तकनीकी शिक्षा बोर्ड के अफसर अधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। जब तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी जुटाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की छूट नहीं दी जाएगी।
बाहरी राज्यों में नहीं ऐसी कोई शर्त
प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता के नाम पर शुरू से ही 50 फीसदी पेपर पास करने की शर्त निर्धारित की है। पंजाब में यह शर्त कोर्स के मध्य से शुरू होती है। देश के अन्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड में ऐसी कोई भी शर्त निर्धारित नहीं की गई है।