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ऑफिस-ऑफिस के फेर में फंसी गुरुजी की पेंशन

Sun, 27 Apr 2014 03:40 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 27 Apr 2014 03:40 AM IST
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Teachers were waiting for there pension from long time
स्कूलों में बच्चों को ईमानदारी व कर्मठता का पाठ पढ़ाने वाले कई शिक्षकों
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की पेंशन विभागों के बाबुओं की लाल फीताशाही के बीच में फंसकर रह गई है।

अमीनाबाद इंटर कॉलेज से इस साल रिटायर हुए शिक्षक अजय सक्सेना बेहद परेशान हैं। बीटेक की पढ़ाई कर रहे बेटे को उन्हें हर माह 10 हजार रुपये भेजने होते हैं। रिटायर हुए उन्हें एक साल होने को है।


लेकिन शिक्षा विभाग और नगर निगम की लड़ाई के बीच उनकी पेंशन फंसी हुई है।

अजय सक्सेना की तरह ही कश्मीरी मोहल्ला स्थित म्यूनिसिपल गर्ल्स इंटर कॉलेज से पिछले चार साल में रिटायर हुई शिक्षिकाओं को भी अभी तक पेंशन मिलनी शुरू नहीं हुई है।
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वजह नगर निगम और शासन के बीच आपसी लड़ाई है।

लखनऊ नगर निगम राजधानी में म्युनिसिपल गर्ल्स इंटर कॉलेज और अमीनाबाद इंटर कॉलेज का संचालन करता है।

वर्ष 2007 तक शिक्षकों का वेतन और पेंशन नगर निगम ही देता था।

2007 में शासनादेश आया कि सभी शिक्षकों को वेतन शिक्षा विभाग ही देगा।

इसलिए इस तारीख के बाद रिटायर हुए सारे शिक्षकों की फाइलें शिक्षा विभाग भेज दी गईं।

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के जीपीएफ का पैसा शिक्षा विभाग के पास न होने के कारण फाइल वापस कर दिया।

तब से लेकर शिक्षकों के पेंशन की फाइलें शिक्षा विभाग और नगर निगम के बीच चक्कर काट रही हैं।

किसी को फुर्सत नहीं है कि शिक्षकों की पेंशन चालू करवाने के लिए कोई कार्रवाई करें।
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