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शिक्षा विभाग का ये कारनामा पढ़ना नहीं चाहेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 28 Dec 2014 01:39 PM IST
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शिक्षा विभाग शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में हाल ही में हुई परीक्षाओं के पेपरों की जांच में जुटा है। 31 दिसंबर तक सभी कक्षाओं के परिणाम घोषित करने का लक्ष्य है। जिस रफ्तार से खंड स्तरों पर एंडलाइन असेसमेंट शीट उपलब्ध करवाई जा रही है, उससे यह संभव होता नजर नहीं आ रहा।
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ठियोग सहित कई खंडों में पांचवीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच सर्व शिक्षा अभियान की ओर से जारी असेसमेंट शीट के बिना ही हो गई। कुछ शिक्षकों ने अपने स्तर पर असेसमेंट शीट बनाई। छठी, आठवीं सहित अन्य कक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डाइट स्तर पर किया जा रहा है।
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इनकी जांच के बाद अंक सूचियां शिक्षा बोर्ड भेजी जाएंगी। वहां से परिणाम जिलों और खंडों के जरिये हर स्कूल तक पहुंचाया जाएगा। वर्ष भर की उपलब्धियों के आधार पर हर छात्र का परिणाम संकलित कर घोषित किया जाएगा।
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यह है एंडलाइन असेसमेंट फॉर्मेट
वर्ष 2014-15 के लिए सर्व शिक्षा अभियान ने एंडलाइन असेसमेंट फॉर्मेट तैयार किया है। इसमें परीक्षा परिणाम के आधार पर हर बच्चे के विषय वाइज और प्रति प्रश्न के अंक लिखने होंगे।
फार्मेट में जिला, एजूकेशन ब्लॉक, कलस्टर, स्कूल और बच्चे के नाम के अलावा मेल आईडी, बच्चों की कैटेगिरी के कॉलम भरे जाएंगे। अंत के कॉलम में विषय बच्चों के नंबर लिखने होंगे।
प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव संजय अत्री ने बताया कि एसएसए में फॉर्मेट भरवाने का काम करवाने को विवश किया जा रहा है। परियोजना निदेशक से तारीख बढ़ाकर फरवरी तक करवाने की मांग की है। 31 से शीतकालीन स्कूलों में छुट्टियां हैं।
तीन-चार दिन में सभी बच्चों का ब्योरा देना संभव नहीं है। वैसे भी एंडलाइन असेसमेंट सर्वे आधारहीन है। शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है।