दीक्षांत समारोह में बंटे 38 मेडल

आशीष त्रिवेदी/लखनऊ Updated Sun, 24 Nov 2013 03:08 AM IST
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देश में गरीबों को न्याय मिलना मुश्किल हो गया है। कानून की डिग्री हासिल करने वालों को चाहिए कि वह आर्थिक रूप से निर्बल लोगों को मुफ्त में न्याय दिलाएं।
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डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को समाज के प्रति अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। यह गुरुमंत्र डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में पधारे सम्मानित अतिथियों ने मेडल व डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को दिया।
कार्यक्रम में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव व सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एके सीकरी को एलएलडी की मानद उपाधि से विभूषित किया गया। कार्यक्रम में कुल 38 मेडल बांटे गए। इनमें सर्वाधिक 23 मेडल छात्राओं के खाते में गए। बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर का खिताब भी छात्राओं के नाम रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि वर्ष 2006 में विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया था।

उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया ने हमेशा गरीबों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। इसलिए विवि का नाम समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया के नाम पर रखा गया।

उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया है कि ईमानदारी की राह पर चलने वालों को तमाम मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह यूनिवर्सिटी को देश का सर्वोच्च संस्थान बनाने में पूरी मदद करेंगे।

उन्होंने बीए एलएलबी ऑनर्स 2006-11 बैच की स्टूडेंट आकांक्षा मिश्रा, बीए एलएलबी ऑनर्स 2007-12 बैच की स्टूडेंट उपासना दास गुप्ता और बीए एलएलबी ऑनर्स 2008-13 बैच की छात्रा कविता कच्छवाह को बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर का वीरेंद्र भाटिया गोल्ड मेडल दिया।

इसी के साथ उन्होंने 38 मेडल मेधावियों को बांटे। कार्यक्रम में विवि के 480 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के साथ-साथ संस्थानों को ध्यान देना होगा।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एके सीकरी ने कहा कि संस्थान ने उन्हें मानद उपाधि दी है। ऐसे में स्टूडेंट्स उनके जूनियर हैं। उन्होंने कहा कि जब भी छात्रों को गाइडेंस की जरूरत होगी, वह जरूर देंगे।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बलवीर सिंह चौहान ने कहा कि लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद अब लक्ष्य होना चाहिए कि आप लोगों को समानता और जीवन जीने का अधिकार दिलाने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।

कार्यक्रम में विवि के संस्थापक निदेशक प्रो. एसएस कटियार ने कहा कि आज देश में अच्छे शिक्षक मिलना मुश्किल है। ऐसे में अच्छी शिक्षा हासिल कर युवाओं को चाहिए कि वह अकेडमिक्स में अपना कॅरियर बनाएं।

कार्यक्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गुरदीप सिंह ने कार्यक्रम में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से यूनिवर्सिटी के लिए 10 करोड़ रुपये के स्थान पर 20 करोड़ के फंड की मांग रखी।

उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स के प्लेसमेंट के लिए इंडस्ट्री से संबंध स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। लॉ की पढ़ाई में इंटरडिस्प्रिलनरी एजुकेशन को वह बढ़ावा दे रहे हैं।

साइंस व मेडिकल के इंस्टीट्यूट्स से उन्होंने पढ़ाई को लेकर समझौता किया है। यूनिवर्सिटी को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में टीचर व स्टूडेंट्स पूरी मदद करेंगे, ऐसे मेरा भरोसा है।
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