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यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों में नकल माफिया का खेल शुरू

Fri, 15 Nov 2013 02:25 PM IST
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ Updated Fri, 15 Nov 2013 02:25 PM IST
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syndicate active in deciding up board school centre

यूपी बोर्ड में प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की घोषणा 16 नवंबर को की जानी है। अंतिम दो दिन बचे होने के कारण कॉलेजों ने परीक्षा केंद्र बनवाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी है।

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यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र बनने के लिए राजधानी के 101 स्कूलों ने आवेदन किया था। इनके स्थलीय निरीक्षण में कई खामियां उजागर हुई थीं। परीक्षा केंद्र बनने के लिए कई ऐसे स्कूलों ने आवेदन कर दिया था।
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जहां मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। इन कमरों न रोशनी थी और न ही बिजली का कनेक्शन। यूपी बोर्ड द्वारा जारी नीति के अनुसार परीक्षा केंद्रों की अनंतिम सूची करने की तिथि 16 नवंबर है।
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राजधानी में बोर्ड का परीक्षा केंद्र बनने के लिए 101 स्कूलों ने आवेदन किया था। इन स्कूल प्रबंधनों द्वारा जो सूचनाएं दी गई थीं, मौके पर निरीक्षण करने में काफी खामियां मिली थीं।

बोर्ड की नीति में साफ कहा गया है कि बांउड्रीवॉल और बाकी सुविधाओं वाले स्कूलों को ही परीक्षा केंद्र बनवाया जाए। लेकिन निरीक्षण में करीब तीन दर्जन स्कूल ऐसे मिले थे जिनमें बाउंड्री वाल ही नहीं थी।

इन कॉलेजों को अनंतिम सूची में शामिल न करने की बात चल रही है। लेकिन इसका पता चलते ही उन स्कूलों के प्रबंधकों ने जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है।

स्कूल प्रबंधक इधर-उधर से दबाव बनाकर किसी भी कीमत पर अपने स्कूल को परीक्षा केंद्र बनवाना चाहते हैं।

पिछले वर्ष 124 से बन गए थे 156 कॉलेज
यूपी बोर्ड में परीक्षा केंद्र बनाने में हर वर्ष खेल होता है। पिछले साल तो उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने नकल माफियाओं की शह पर परीक्षा केंद्र बनाने के खिलाफ बाकायदा अभियान छेड़ा था।

इसके चलते बोर्ड परीक्षा के लिए पहले 124 केंद्र प्रस्तावित किए गए। लेकिन नकल माफिया के दबाव के चलते बगैर केंद्र निर्धारण समिति की बैठक के बोर्ड परीक्षा के लिए 156 केंद्र बना दिए गए।


परीक्षा निर्धारण समिति के सदस्यों ने इस पर आपत्ति भी जताई। इसके बावजूद उनकी एक न चली। इस बार भी बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूलों का चिह्नांकन नहीं किया गया है। ऐसे में नकल माफिया अभी से अपने स्कूल को बोर्ड परीक्षा का केंद्र बनवाने के लिए जोड़-जुगाड़ में लगे हैं।

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