500 लॉ स्टूडेंट्स का भविष्य खतरे में, कौन है जिम्मेदार?
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मानचित्र पास कराए बिना भवन निर्माण करने पर शुक्रवार को बीकेटी के स्वामी विवेकानंद लॉ कॉलेज को सील कर दिया गया। इससे कॉलेज के करीब 500 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
यहां के विद्यार्थियों की परीक्षाएं पांच जनवरी से होनी है। ऐसे में कॉलेज में किस तरह परीक्षा होगी यह लेकर सवाल खड़ा हो गया है। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि एलडीए से नक्शा पास करवाए बिना कॉलेज लखनऊ विश्वविद्यालय से कैसे मान्यता पा गया।
एलडीए के अधिकारियों ने बताया कि बीकेटी के गांव रामपुर देवरई में स्थित स्वामी विवेकानंद लॉ कालेज के भवन का निर्माण प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना ही कर दिया गया था। इससे पहले कॉलेज की प्रबंध समिति के एक सदस्य की मौत के कारण कॉलेज में अवकाश कर दिया गया था।
इस बीच, कॉलेज प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि सीलिंग की कार्रवाई के पहले एलडीए की ओर से उसे कोई सूचना नहीं दी गई। इस कार्रवाई से छात्रों की परीक्षा प्रभावित हो सकती हैं।
एलयू ने दिया भविष्य न खराब होने का भरोसा
हालांकि एलयू ने विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा का किसी भी तरह से नुकसान नहीं होने देने का भरोसा दिया है।
कॉलेज के प्रिंसिपल एमएम मुस्तजर ने बताया, एलडीए ने सीलिंग से पहले कॉलेज प्रबंधन को कोई सूचना नहीं दी। कॉलेज के लॉ के करीब 500 छात्रों की पांच जनवरी से परीक्षा शुरू होगी। एलडीए की इस कार्रवाई से विद्यार्थियों की परीक्षा प्रभावित हो सकती हैं।
एलयू के प्रोफेसर एनके पांडेय का कहना है, विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनकी परीक्षा का किसी भी तरह से नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। छात्रहित में इस पूरे प्रकरण को देखा जाएगा। लॉ कॉलेज की मान्यता बिना नक्शा पास करवाए किस तरह से हो गई, इसकी भी जांच करवाई जाएगी।
एलडीए सहायक अभियंता, राकेश मोहन का कहना है, बिना मानचित्र स्वीकृत बने भवनों को सील करने के लिए एलडीए के संयुक्त सचिव रणविजय सिंह ने 15 दिसंबर को आदेश दिए थे। इसी क्रम में इस लॉ कॉलेज को सील करने की कार्रवाई की गई है।