सर्वेः लैंग्वेज और गणित में पिछड़े चंडीगढ़ के होनहार

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 05 May 2014 10:56 AM IST
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Survey Report on Chandigarh Students

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देशभर में लिटरेसी रेट में टॉप रैंकिंग में शुमार चंडीगढ़ के प्राइमरी स्कूल के होनहार लैंग्वेज और गणित में पिछड़ गए हैं। यह बात नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2014 में साफ हुई। इसमें चंडीगढ़ के कक्षा तीन के लैंग्वेज और गणित के राष्ट्रीय औसत अंक से काफी नीचे है। सर्वे केअनुसार, चंडीगढ़ की कक्षा तीन के बच्चों ने लैंग्वेज में 59 फीसदी अंक हासिल किए, जबकि राष्ट्रीय औसत 64 फीसदी अंक हैं।
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एनसीईआरटी की ओर से नेशनल अचीवमेंट सर्वे 34 राज्य और यूटी में किया गया। इसमें चंडीगढ़ राष्ट्रीय औसत रैंकिंग से काफी कम रहा। जबकि लैंग्वेज में हिमाचल प्रदेश के बच्चों ने 64 फीसदी, पंजाब के 63 फीसदी और हरियाणा के 57 फीसदी अंक हासिल किए। सर्र्वे के अनुसार, चंडीगढ़ के 57 फीसदी बच्चों ने सिर्फ पैरा सुना। 84 बच्चों ने इस पैरे को समझा और 54 फीसदी बच्चों ने पैरे को समझ कर उसे अच्छे से पढ़ा। जबकि नेशनल एवरेज रैंकिंग 65, 86 और 59 फीसदी है।
गणित में भी चंडीगढ़ की परफार्मेंस खराब
सर्वे के अनुसार चंडीगढ़ के बच्चों की गणित में भी बेहद खराब परफार्मेंस रही। बिहार और छत्तीसगढ़ से थोड़े अंक ज्यादा चंडीगढ़ के 60 फीसदी बच्चे ही गणित के सवालों का जवाब दे पाए। चंडीगढ़ के प्राइमरी कक्षा के बच्चों ने नेशनल एवरेज स्कोर 252 में से 240 अंक हासिल किए।

इसमें टॉप राज्य में दमन एवं दीव के बच्चों ने 279 स्कोर किया। सर्वे के अनुसार ओवरऑल 69 फीसदी तीसरी कक्षा के विद्यार्थी संकलन के अनुसार समस्या का हल कर सकते हैं। इसमें चंडीगढ़ के 62 फीसदी बच्चे है। वहीं समस्या हल करने की नेशनल अवरेज 65 फीसदी है। इसमें चंडीगढ़ के बच्चे 53 फीसदी रहे।

लैंग्वेज में त्रिपुरा ने बाजी मारी  
ओवरऑल नेशनल एवरेज स्कोर इन लैंग्वेज का नेशनल एवरेज 500 अंक में 257 अंक है। 34 राज्य एवं यूटी में किए सर्र्वे के अनुसार लैंग्वेज में 14 राज्य ने औसतन काफी अच्छा प्रदर्शन किया। जिसमें त्रिपुरा के बच्चे टॉपर रहे। इसके बाद दमन एवं दीव, पुडुचेरी और मिजोरम के बच्चे भी टॉप लिस्ट में शामिल हुए। बारह राज्यों ने नेशनल औसत से कम अंक हासिल किए। इसमें छत्तीसगढ़, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और जेएंड शामिल हैं।

सर्वे में कक्षा तीन के 64 फीसदी बच्चों ने लैंग्वेज के सही जवाब दिए, जबकि 66 फीसदी बच्चों ने गणित के सही जवाब दिए। चंडीगढ़ के विद्यार्थियों ने गणित में औसतन 62 विद्यार्र्थियों ने सवाल हल किए। यह संख्या नेशनल एवरेज से काफी कम है। चंडीगढ़ के बच्चों ने गणित में यह स्कोर में बिहार से थोड़ा से अधिक है। बिहार ने 57 फीसदी, छत्तीसगढ़ ने 53 फीसदी अंक हासिल किए है। मात्र 52 फीसदी विद्यार्थियों ने गुणक सवालों को हल किया, जबकि 51 फीसदी बच्चे डिवीजन को हल कर पाए।

नेशनल औसत के अनुसार 63 फीसदी और 57 फीसदी अंक है। एनसीईआरटी की ओर से 2001 में कक्षा तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के लिए एनएएस का आयोजन किया। इस सर्र्वे के तहत 34 राज्यों और यूटी के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों को शामिल किया गया। सर्र्वे में यह मानना गया कि बच्चों को पढ़ने, रीडिंग विद कंप्रीहनसिव और समझने के स्किल को प्राइमरी लेवल पर विकसित करना चाहिए।

सर्वे की लिस्ट
सर्वे के नेशनल एवरेज रेकिंग के अनुसार चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, ओडिसा, राजस्थान और उत्तराखंड राज्य लेंग्वेज और गणित में औसत से कम रहे। जबकि कनार्टक, तमिलनाडु, त्रिपुरा और वेस्ट बंगाल ने औसत से बेहतर परफार्मेंस किया। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों ने लेंग्वेज में कम अंक हासिल किए, जबकि गणित में औसत अंक से यह राज्य ऊपर रहे।
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