यूपी के कॉलेजों पर नकेल कसने के लिए होगा औचक निरीक्षण
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निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों पर नकेल कसने के लिए अब उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय इनका औचक निरीक्षण कराएगा। अभी तक एक बार मान्यता देने के बाद निजी कॉलेजों का निरीक्षण नहीं होता था।
इसकी वजह से अक्सर सुनने में आता है कि जिस शिक्षक का अनुमोदन विश्वविद्यालय से कराया गया उसकी जगह दूसरे पढ़ा रहे हैं। या फिर जहां छह शिक्षक दिखाए वहां मात्र तीन से ही कक्षाएं चलाई जाने लगीं।
इसका खामियाजा स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ता है। बहुत से निजी कॉलेजों में इसी वजह से उस गुणवत्ता की शिक्षा ही नहीं मिल पा रही जिसके बाद स्टूडेंट्स को उत्तीर्ण होने पर अच्छी नौकरी मिल सके।
न जाने कितने ही स्टूडेंट्स बीटेक व एमबीए की डिग्री हासिल करने के बाद एक अच्छी नौकरी के लिए ही परेशान रहते हैं। इन्हीं में सुधार करने के लिए विश्वविद्यालय ने औचक निरीक्षण की योजना बनाई है।
मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
यूपीटीयू के कुलपति प्रो.ओंकार सिंह का कहना है ही उनके यहां चलने वाले सभी कोर्स रोजगारपरक हैं। यदि इन्हें करने के बाद भी स्टूडेंट्स को रोजगार के लिए परेशान होना पड़े तो यह अपने आप में सवाल खड़े करने वाली बात है।
हाल ही में 13 जुलाई को हुई विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक में निर्णय हुआ कि सभी कॉलेजों के लिए केंद्रीयकृत प्लेसमेंट सेल बनेगा। इसके अलावा बीटेक प्रथम वर्ष से लेकर तृतीय वर्ष तक के सिलेबस को अपडेट किया गया है।
इतना ही नहीं विश्वविद्यालय सभी कोर्स में इंडस्ट्री के सहयोग से ऐसा सिलेबस बनाने की तैयारी कर रहा है जिससे स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार तैयार किया जाए। इसी क्रम में यूपीटीयू अब कॉलेजों का निरीक्षण कराएगा।
इसके लिए कुछ टीमें गठित की जाएंगी। निरीक्षण में शिक्षकों,उनके पढ़ाने का तरीका,लैबोरेटरीज व स्टूडेंट्स से संबंधित सभी सुविधाओं को जांचा जाएगा। यदि कहीं पर ये पाया गया कि बिना अनुमोदन के कोई शिक्षक पढ़ा रहा है या लैब मानकों पर खरी नहीं है तो उन कॉलेजों पर कार्रवाई की जाएगी।
स्टूडेंट्स से पूछेंगे समस्याएं
निरीक्षण करने का निर्णय लेने के साथ ही अब इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि उस दौरान संस्था के स्टूडेंट्स से भी टीम के सदस्य इंटरेक्शन करेंगे।
संभव है कि स्टूडेंट्स से इंटरेक्शन के दौरान संस्थान के शिक्षकों व स्टॉफ को उस जगह अलग रखा जाए। ये सारी व्यवस्था इसलिए की जा रही है जिससे संस्थानों की कमियां दूर करके वहां गुणवत्तापरक शिक्षा का माहौल बनाया जा सके।
प्रो.ओंकार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्घ कुछ निजी कॉलेज बहुत अच्छा परफॉर्मेन्स देते हैं लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे कॉलेज भी हैं जहां माहौल बदलने की जरूरत है। अगस्त से विश्वविद्यालय का नया सत्र शुरू होने के कुछ समय बाद ही निरीक्षण की योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।