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मात्र 23 की उम्र में बेटी ने किया वो काम, आप भी करेंगे नाज

Sun, 05 Jul 2015 01:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल Updated Sun, 05 Jul 2015 01:38 PM IST
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sucess story of haryana daughter deepshikha

कैथल की दीपशिखा (23) ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) परीक्षा में देश भर में 33वां रैंक हासिल किया है। लेक्चरर दंपति की इकलौती बेटी दीपशिखा ने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास की है। महज 23 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में उसने यह सफलता हासिल कर माता-पिता का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया। परिवार में इस सफलता पर खुशी का माहौल है।

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सेक्टर-19 निवासी दीपशिखा के पिता स्टेट अवार्डी भीम सेन शर्मा पाई के स्कूल में अंग्रेजी के लेक्चरर हैं और मां सुनीता कैथल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी अंग्रेजी की लेक्चरर हैं। दोनों ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर भरोसा था कि वह एक दिन यह मुकाम जरूर हासिल करेगी।
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बेटी की शुरू से ही पढ़ाई में रुचि को देखते हुए फैसला लिया था कि वे उसे पढ़ा-लिखा कर सफल बनाएंगे। आज बेटी ने सफलता हासिल कर जो खुशी दी है, उसे वे बयान नहीं कर पा रहे हैं। दीपशिखा की की सफलता पर दोनों की आंखों में आंसु छलक आए। मां सुनीता ने बताया कि वह गांव बीरबांगड़ा से हैं। उनकी पांच बहनें थीं। मां ने बहनों को पढ़ाया लिखाकर अपने पैरों पर खड़ा किया। उन्होंने भी आरकेएसडी कॉलेज में टॉप किया था।
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माता-पिता की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन का नतीजा

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तीसरी से बारहवीं तक टॉपर रहीं दीपशिखा ने कहा कि आज जो सफलता मिली है, वह उसके माता-पिता की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन का नतीजा है। उसके माता-पिता ने उस पर भरोसा जताया।

उसने कहा कि माता-पिता की सोच व संस्कार ने उसे आगे बढ़ाया है। बेटियां बहुत प्यारी होती हैं। उन्हें आगे बढ़ने का मौका दें, तो वे कुछ भी कर सकती हैं। मेरे माता-पिता ने मौका दिया और मैंने सफलता की।

23 वर्षीय दीपशिखा ने बताया कि उसने बारहवीं तक की पढ़ाई लिटिल फ्लॉवर पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीटेक किया और वर्ष 2013 में कोचिंग के लिए दिल्ली चली गई।

रोजाना सात से आठ घंटे तक पढ़ाई

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दीपशिखा ने बताया कि सुबह 7 से 2 बजे तक कोचिंग लेने के बाद वह रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ती थी। कहा, मुझे विश्वास था कि सफल होऊंगी, लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि इतना अच्छा रैंक आएगा। सेल्फ स्टडी एवं लगन ने सफलता दिलाई।

दीपशिखा ने बताया, जब कोचिंग लेने के लिए दिल्ली गई तो तो घर पर लिखकर गई थी कि देश के लिए कुछ करके आना है। सो, आज अपने उद्देश्य में सफल हो गई।

सोशल मीडिया से नाता तोड़ा
दीपशिखा ने बताया कि उसने कोचिंग के दौरान व्हॉटसएप, फेसबुक और ट्वीटर सहित सोशल मीडिया और फोन से तौबा कर ली। दीपशिखा के दादा श्रीराम गोपाल शर्मा, बाबा लदाना स्कूल के प्रिंसिपल संजय शर्मा चाचा सहित अन्य परिजनों ने उसकी सफलता पर खुशी मनाई तथा मिठाई खिलाकर सफलता की बधाई दी।

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