12वीं रिजल्टः टॉपर लड़कियों से लिजिए सफलता के मूलमंत्र
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आरएस मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा दर्शवीर कौर कलसी को यह उम्मीद तो थी कि वह मेरिट लिस्ट में आएगी, लेकिन सौ फीसदी अंक का उसने सपने में भी नहीं सोचा था।
सोमवार को जब परीक्षा परिणाम घोषित किया गया तो उसकी उम्मीदों और सपनों को मानो पंख लग गए। उसे लगा कि अब आईएएस बनने के लिए जो हौसला, जज्बा जरूरी है, वह उसे मिल गया।
दर्शवीर अपने परिवार समेत जैसे ही स्कूल पहुंची, प्रिंसिपल मोहन लाल समेत उनके स्टाफ ने उसे गले लगा लिया। लड्डुओं से मुंह मीठा कराकर बधाईयां दी गईं।
दर्शवीर ने नॉन मेडिकल संकाय में सौ फीसदी अंक लेकर पूरे प्रदेश में टॉप किया है। बोर्ड की चेयरपर्सन तेजिंदर कौर ने भी उनको फोन करके बधाई दी।
कड़ी मेहनत, पढ़ाई पर ध्यान और टॉप पोजिशन
दर्शवीर ने कहा कि उनकी इस कामयाबी का श्रेय उनके परिवार और स्कूल के अध्यापकों को है। अध्यापकों ने दिन रात मेहनत कराई। दसवीं में दर्शवीर ने 89 फीसदी अंक हासिल किए थे। बीते दो सालों में उसने कड़ी मेहनत की, पूरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर दिया और टॉप पोजिशन पर जगह बनाई। दर्शवीर अपनी कामयाबी के लिए सेल्फ स्टडी को मूल मंत्र मानती है।
दर्शवीर का कहना है कि स्कूल में जो पढ़ाया जाता है, उसे ध्यान से पढ़ो, घर जाकर रोजाना रिवाइज करो और समय मिलने पर कुछ अतिरिक्त विषयों के बारे में जानकारी भी हासिल करो। साथ ही जो विषय कमजोर है, उस पर अधिक तवज्जो दो। दर्शवीर को लगता था कि फिजिक्स कुछ कमजोर है, उसने इस विषय पर ज्यादा मेहनत की और अपने अंकों को कम नहीं होने दिया।
शिक्षा के साथ-साथ दर्शवीर खेलों में भी सक्रिय है। उसने अपने स्कूल की बेसबॉल की टीम के साथ प्रदेश स्तर तक खेला है। गेम में भी उसने पिछले साल ही हिस्सा लेना शुरू किया था। अपने पिता इंजीनियर सुरिंदर सिंह को वह रोल मॉडल मानती है। पिता हंबड़ा स्थित भारती एंटरप्राइजेज कंपनी में प्रबंधक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
आईएएस बनना चाहती हैं सारिका
बारहवीं के आर्ट्स ग्रुप में प्रदेश में बीसीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा सारिका दूसरे स्थान पर रही। सारिका का कहना है कि वह आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती है। सारिका ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में 99.78 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। परीक्षा परिणाम आते ही स्कूल में खुशी का माहौल है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की चेयरपर्सन ने भी फोन कर बधाई संदेश दिया। सारिका ने कहा कि वह प्रशासनिक सेवा में जाकर जहां अपने परिवार का नाम ऊंचा करना चाहती हैं, वहीं समाज सेवा में भी अहम योगदान देंगी। सारिका ने कहा कि उसके पिता सुरिंदर कुमार रॉकमैन साइकिल इंडस्ट्री में सर्विस करते हैं। वहीं माता मीनू घर में ही छोटा सा बुटिक चलाती हैं।
रोजाना 10 से 14 घंटे की पढ़ाई और साथ-साथ मां के साथ काम में हाथ बटाना, यही उसकी दिनचर्या रही। उसने कहा कि यहां तक पहुंचने के लिए उसे स्कूल टीचरों से भी अच्छी गाइडेंस मिली और परिवार ने भी पूरा स्पोर्ट किया। सारिका ने कहा कि दसवीं कक्षा में भी उसने 96 प्रतिशत नंबर आए थे और वह पंजाब में तीसरे स्थान पर रही थी।
एनिमेशन की पढ़ाई करना है निष्ठा का लक्ष्य
पंजाब में आर्ट्स ग्रुप में तीसरे नंबर पर रहने वाली बीसीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल जमालपुर की छात्रा निष्ठा ने कहा कि वह एनिमेशन की पढ़ाई कर अपनी मंजिल को पाएगी। उसने कहा कि उसके पिता नीरज एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और माता अंजू बाला गृहिणी है।
निष्ठा ने कहा कि वह एक नंबर के कारण दूसरे स्थान से चूक गई, लेकिन वह प्रदेश में तीसरे स्थान पर आकर भी काफी खुश है। उसने कहा कि स्कूल से छुट्टी के बाद घर पर लगातार पढ़ाई करती थी। निष्ठा के अनुसार दसवीं में भी उसके 92 प्रतिशत अंक आए थे।
यह मुकाम हासिल करने के पीछे पहले उसके अध्यापकों और परिजनों का अहम योगदान रहा। निष्ठा ने कहा कि वह फ्री समय में या तो गाने सुनती और साथ साथ डांस की प्रेक्टिस भी करती हैं। इसके अलावा उसे मॉडलिंग करने का काफी शौक है।
फिजिक्स की प्रोफेसर बनना काजल का लक्ष्य
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में आरएस मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा काजल टंडन ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। काजल ने इस परीक्षा में नॉन मेडिकल स्ट्रीम में 450 में से 448 अंक पाकर 99.56 फीसदी अंक हासिल किए हैं।
परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्कूल में भी उनको प्रिंसिपल व स्टाफ सदस्यों ने बधाई दी। काजल फिजिक्स की प्रोफेसर बनना चाहती हैं।
काजल ने बताया कि उसने कभी ट्यूशन नहीं रखी। हमेशा ही सेल्फ स्टडीज के जरिये अपनी शिक्षा को पूरा किया। स्कूल में उनको गणित की टीचर कविता से काफी प्रेरणा मिली। काजल पढ़ाई के अलावा खेलों में भी सक्रिय योगदान कर रही है। स्कूल की बेसबॉल टीम के साथ उसने नेशनल प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया है।
काजल के पापा केमिकल कंपनी में प्रबंधक हैं। उसकी छोटी बहन भी उसी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ रही है। उसका कहना है कि परीक्षा को हल्के में लेना चाहिए। रोजाना स्टडी करके ही कामयाबी को हासिल किया जा सकता है।