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CBSE रिजल्ट: ये हैं ट्राइसिटी के 4 टॉपर, लें सक्सेस टिप्स

Tue, 26 May 2015 12:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 May 2015 12:09 PM IST
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success tipr from chandigarh toppers of cbse 12th class result

सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट में इस साल भी बेटियों का ही दबदबा रहा है। चार में से तीन स्ट्रीम में लड़कियां ही टॉपर चुनीं गईं। ट्राइसिटी के 1200 से अधिक स्टूडेंट्स ने 12वीं में 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। चंडीगढ़ सेक्टर-27 स्थित भवन विद्यालय की छात्राओं ने तीन स्ट्रीम में टॉप किया है।

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भवन विद्यालय में आर्ट्स स्ट्रीम की छात्रा तृप्त कौर ने 98.8 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल और ट्राइसिटी में टॉप किया है। तृप्त कौर ने आर्ट्स के अलावा मेडिकल, नॉन मेडिकल और कॉमर्स समेत सभी स्ट्रीम को पछाड़ते हुए ट्राइसिटी में पहला स्थान हासिल किया है।
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भवन विद्यालय की छात्रा आयूषी ने मेडिकल स्ट्रीम में 96.6 फीसदी अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। भवन विद्यालय-27 की ही कांक्षा मल्होत्रा ने 97.8 फीसदी अंक लेकर कॉमर्स स्ट्रीम में टॉप किया है। उधर, सेक्टर-37 स्थित स्टेपिंग स्टोंस के चक्षु गोयल ने 98 फीसदी अंक पाकर नॉन मेडिकल स्ट्रीम में ट्राइसिटी में पहला स्थान हासिल किया है।
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लिटरेचर में रिसर्च करना चाहती हूं
‘आर्ट्स को अक्सर बहुत हल्के में लिया जाता है, जबकि यह बहुत ही गंभीर विषय है। मैंने इसकी गंभीरता को समझा और पैरेंट्स व स्कूल टीचर्स की प्रेरणा से सफलता हासिल की’। यह कहना है ट्राइसिटी की ओवरऑल टॉपर भवन विद्यालय की छात्रा तृप्त कौर का। तृप्त ने आर्ट्स में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल किए।

हिस्ट्री और पॉलीटिकल साइंस में 100 में 100 अंक मिले, जबकि साइकोलॉजी और फिजिकल एजुकेशन में 99-99 अंक हासिल किए। राइटिंग का शौक रखने वाली तृप्त अपनी प्रतिभा के बल पर कई पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं और अब दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंग्लिश ऑनर्स करके लिटरेचर में रिसर्च, राइटिंग या फिर सिविल सर्विसेज में कैरियर बनाना चाहती हैं।

बीकॉम के बाद बनाऊंगी अगली रणनीति

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‘अच्छे नंबर आने की उम्मीद जरूर थी, लेकिन यह नहीं सोचा था कि टॉप कर जाऊंगी’। यह कहना है कॉमर्स में 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप करने वाली भवन विद्यालय-27 की छात्रा कांक्षा मल्होत्रा का।

कांक्षा ने बताया कि जब दिल करता था, तभी पढ़ाई करती थी। पैरेंट्स को कभी इस बारे में बोलने का मौका ही नहीं दिया। यह मेहनत का ही नतीजा है कि एकाउंट्स में पूरे 100 अंक मिले।

अब वह बीकॉम की पढ़ाई करने के बाद ही आगे की योजना बनाएंगी। कांक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पैरेंट्स को दिया, जिन्होंने हर परिस्थितियों में मनोबल बढ़ाया और पढ़ाई में कभी किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी।

सिंगापुर यूनि. से हायर एजुकेशन की चाहत

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‘हमेशा कुछ न कुछ नया खोजने की आदत रही। ऐसे में पता ही नहीं चला कि इसके प्रति कब लगाव हो गया। साइंस स्ट्रीम होने के बावजूद कोचिंग नहीं ली। केमिस्ट्री की गुत्थी सुलझाने के लिए मां टिप्स देती रहीं और खुद की मेहनत भी रंग लाई’। यह कहना है मेडिकल में 96.6 प्रतिशत अंक लेकर टॉप करने वाली भवन विद्यालय-27 की छात्रा आयुषी सूद का।

आयुषी को फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में 95-95 नंबर मिले, जबकि इंग्लिश और साइकोलॉजी में 99-99 अंक प्राप्त किए। अब न्यूरो साइंस में कैरियर बनाने का लक्ष्य है और स्कॉलरशिप मिलने पर वह सिंगापुर यूनिवर्सिटी से हायर एजुकेशन लेना चाहती हैं।

आयुषी ने बताया कि वह स्कूल के अलावा रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थी। विषयों को समझने में पैरेंट्स, स्कूल टीचर रूपाली और कमल ने काफी मदद की।

रोजाना छह-सात घंटे की पढ़ाई ने दिलाई सफलता

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‘12वीं की परीक्षा की तैयारी के लिए मैंने किसी तरह की कोई कोचिंग नहीं ली। स्कूल में टीचर ने जो समझाया, उसी पर अमल किया। इसके अलावा रोजाना 6-7 घंटे पढ़ाई की।

पढ़ाई की वजह से मैंने पिछले दो साल से टीवी नहीं देखा और न ही किसी अन्य गतिविधियोंमें हिस्सा लिया’। यह कहना है नॉन मेडिकल में 98 फीसदी अंक लाकर टॉप करने वाले स्टेपिंग स्टोंन्स स्कूल-37 के छात्र चक्षु गोयल का।

चक्षु ने बताया कि अब आईआईटी इंजीनियर बनने का सपना है। मूल रूप से लुधियाना निवासी चक्षु के पिता स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, लुधियाना में काम करते हैं, जबकि मां सुनीता टीचर हैं। चक्षु ने पीजी में रहते हुए पढ़ाई कर यह सफलता हासिल की।

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