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उम्र 24 और दो बार पाई सिविल सेवा में सफलता

Mon, 06 Jul 2015 12:53 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 06 Jul 2015 12:53 PM IST
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success story of IAS topper charusree t.

इरादे बुलंद हों तो हर राह आसान हो जाती है। तमिलनाडु की चारूश्री टी ने यह साबित कर दिखाया है। इन दिनों इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी (आईजीएनएफए) में आईएफएस का प्रशिक्षण हासिल कर रही चारूश्री टी ने मात्र 24 साल की उम्र में दो बार सिविल सेवा परीक्षा में परचम फहराया है।

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उन्हें शनिवार को जारी हुए सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में ऑल इंडिया छठी रैंक मिली है। चारूश्री अब आईएएस की ट्रेनिंग के लिए जाएंगी। चारूश्री के पिता त्यागराजन तमिलनाडु के कृषि विभाग से एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पद से रिटायर हैं। चारूश्री अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं।
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तमिलनाडु से 94 प्रतिशत अंकों के साथ वर्ष 2006 में 10वीं और 98 प्रतिशत अंकों के साथ वर्ष 2008 में 12वीं करने के बाद चारूश्री ने अन्ना यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में दो साल बतौर डिजाइन इंजीनियर सेवाएं देते हुए सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
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चारूश्री ने वर्ष 2013 की सिविल सेवा परीक्षा में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 749वीं रैंक हासिल की। चारू आईएएस बनना चाहती थी, लेकिन रैंक ज्यादा होने से उन्हें इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (आईएफएस) ही मिल सकती थी। उन्होंने आईएफएस का चयन किया और आईजीएनएफए में प्रशिक्षण लेने पहुंच गई।

प्रशिक्षण के दौरान भी उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी नहीं छोड़ी। दिनभर प्रशिक्षण के बाद रात को पांच से छह घंटे सिविल सेवा की तैयारी करतीं। नतीजतन इस बार आए सिविल सेवा के परिणाम में उन्हें आल इंडिया छठीं रैंक मिली।

तमिलनाडु में चारू को मिली पहली रैंक

success story of IAS topper charusree t.

चारू को तमिलनाडु में पहली रैंक मिली है। अब वह आईएएस बनकर अपने राज्य की सेवा करना चाहती हैं। खास बात यह है कि जिस परीक्षा में कामयाबी के लिए युवा कई-कई साल और कई प्रयास करते हैं, वहीं महज 24 साल की उम्र में चारूश्री टी ने दोनों प्रयासों में सफल होकर नया मुकाम बनाया है।

मुख्य परीक्षा में ज्योग्राफी
चारू ने सीसैट पैटर्न से इत्तेफाक जताया। उनका कहना है कि यह महज आपके इवेल्यूएशन का बदला हुआ तरीका है जो निश्चित तौर पर आपकी स्किल्स को सामने लाता है। उन्होंने इसे सही करार दिया। विज्ञान विषयों से पढ़ाई करने के बावजूद चारू ने मुख्य परीक्षा में ज्योग्राफी का चयन किया।

महिलाओं को दिलाएंगी सम्मान
चारू ने बताया कि उनके राज्य में भी महिलाओं को वो मुकाम हासिल नहीं है जो होना चाहिए। वह आईएएस बनकर अब उन महिलाओं को भी एक मुकाम दिलाना चाहती हैं। उनकी छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाना चाहती हैं।

ऐसे करें तैयारी
चारू ने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए एकाग्रता और एकमात्र लक्ष्य होना जरूरी है। कई युवा मकसद के पीछे मकसद तलाशने के चक्कर में रास्ता भटक जाते हैं। ऐसे में उन्हें परेशानी होती है।

कहा कि नियमित स्टडी और जो भी पढ़ें वह प्रमाणिक हो। इसके अलावा करेंट अफेयर्स पर पूरा फोकस रखें। अखबारों में छपने वाले घटनाक्रम और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें काबू करने को किए गए प्रयास भी आपके लिए सीख हो सकते हैं।

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