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पीजीआई में जल्द एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पीजीआई को इस बारे में प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पीजीआई की ओर से तैयार प्रपोजल जल्द ही स्टैंडिंग एकेडमिक कमेटी में आएगा।
केंद्रीय मंत्रालय की ओर से प्रपोजल को अगर हरी झंडी मिली तो पीजीआई चंडीगढ़ का दूसरा संस्थान होगा, जहां एमबीबीएस की पढ़ाई होगी। अभी सिर्फ जीएमसीएच-32 में ही एमबीबीएस की पढ़ाई होती है।
इधर, सांसद किरण खेर का दावा है कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से पीजीआई में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने का अनुरोध किया था। खेर ने बताया कि शहरवासियों ने उन्हें इस बारे में ज्ञापन सौंपा था। इस बारे में उन्होंने पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखा था।
इसके बाद जेपी नड्डा के सामने उन्होंने यह मांग रखी। सांसद का कहना है कि पीजीआई एक प्रतिष्ठित संस्थान है। अगर यहां से स्टूडेंट एमबीबीएस की पढ़ाई करके निकलेंगे तो इसका सीधा फायदा मरीजों को होगा।
कई अंडर ग्रेजुएट व ग्रेजुएट कोर्स संचालित हैं पीजीआई में
पीजीआई में कई अंडर ग्रेजुएट व ग्रेजुएट कोर्स संचालित हैं। कई ऐसे भी कोर्स हैं, जो पूरे देश में सिर्फ पीजीआई करवाता है। लेकिन एमबीबीएस की पढ़ाई पीजीआई में नहीं होती है। चंडीगढ़ के निवासी वर्षों से यह डिमांड कर रहे थे। इस बार सांसद ने इसे मजबूती से उठाया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख देखने को मिला है।
इस तरह आएगा प्रपोजल
सबसे पहले एमबीबीएस की पढ़ाई का प्रपोजल पीजीआई की स्टैंडिंग एकेडमिक कमेटी के पास आएगा। कमेटी की अप्रूवल के बाद प्रपोजल स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इंस्टीट्यूट की गवर्निंग बॉडी के पास आएगा। गवर्निंग बॉडी की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा करते हैं।
हर साल सीट के लिए रहता है असमंजस
जीएमसीएच-32 में हर साल एमबीबीएस की सीट के लिए असमंजस रहता है। 100 सीटों के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को दिल्ली तक दौड़ लगानी पड़ती है। संस्थान में बन रहा ई-ब्लाक जब तक पूरा नहीं हो जाता, इसी तरह असमंजस जारी रहेगा। इससे परेशान होकर चंडीगढ़ के लोगों ने पीजीआई में एमबीबीएस कोर्स शुरू करने की मांग की थी।