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इस सत्र में नहीं बदलेगा यूपीटीयू का कोर्स
दीप सिंह/लखनऊ
Updated Thu, 28 Nov 2013 01:59 AM IST
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प्रदेश के सभी तकनीकी कॉलेज अब उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) से संबद्ध हो गए हैं लेकिन एमटीयू और जीबीटीयू से अभी तक जुड़े रहे छात्र फिलहाल अपना-अपना पाठ्यक्रम ही पढ़ेंगे।
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अगले महीने से शुरू हो रही सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश केछात्रों केलिए उनकेपाठ्यक्रम के अनुसार ही अलग-अलग प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे। यह सिलसिला तीन साल तक चलेगा।
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अगले साल से नए बैच केलिए यूपीटीयू नया पाठ्यक्रम तैयार करेगा जो 2014-15 से लागू होगा। प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है।
इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि एमटीयू का अपना परिसर बना रहेगा जिसे यूपीटीयू के नोएडा परिसर केनाम से जाना जाएगा। वहां जो अधिकारी तैनात हैं उन्हें अपने मूल विभाग में जाना होगा।
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प्रदेश में तकनीकी कॉलेजों के संचालन केलिए वर्ष 2000 में यूपीटीयू का गठन हुआ था। बसपा सरकार में पश्चिमी और पूर्वी उप्र केकॉलेजों केलिए यूपीटीयू को दो भागों में बांट दिया गया।
पश्चिम के कॉलेज एमटीयू और पूरब केकॉलेज जीबीटीयू से संबद्ध कर दिए गए थे। इस दौरान दोनों ने अपना नया पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली लागू की। अब एक बार फिर से दोनों विश्वविद्यालयों को एक करके यूपीटीयू बना दिया गया।
लेकिन दोनों विश्वविद्यालयों केछात्र अलग-अलग पाठ्यक्रम पढ़ रहे हैं। अगले महीने सेमेस्टर परीक्षाएं होनी हैं। इसलिए पाठ्यक्रम और प्रश्न पत्र केलिए विश्वविद्यालय को शासन केनिर्देशों का इंतजार था।
शासन ने निर्देश दिए हैं कि सेमेस्टर परीक्षाएं संयुक्त रूप से यूपीटीयू ही करवाएगा लेकिन छात्र जो पाठ्यक्रम पढ़ रहे हैं, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। यूपीटीयू बनने से पहले जो छात्र एमटीयू और जीबीटीयू से संबद्ध थे, वे अपना-अपना कोर्स ही पढ़ेंगे।
2014-15 के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया जाए जो अगले साल दाखिला लेने वाले नए छात्रों पर लागू होगा। प्रथम वर्ष से तृतीय वर्ष तक के जो छात्र अभी पढ़ रहे हैं।
वे तीन साल तक अपना-अपना कोर्स ही पढ़ेंगे। इसी केसाथ यूपीटीयू ने सेमेस्टर परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है।
लेट हो गईं सेमेस्टर परीक्षाएं
पाठ्यक्रम को लेकर शासन ने अब निर्णय किया है लेकिन इसके इंतजार में सेमेस्टर परीक्षाएं लेट हो गई हैं। स्थिति साफ न होने से अभी तक स्कीम जारी नहीं हो सकी है।
पिछले वर्षों में 20 नवंबर तक यह जारी हो जाती थी और दिसंबर पहले सप्ताह तक सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो जाती थीं। छात्रों की संख्या भी यूपीटीयू को जीबीटीयू से लेनी थी। वह आंकड़ा अब मिल गया है।
इसके आधार पर यूपीटीयू स्कीम और प्रश्न पत्र छपवाकर परीक्षा की तैयारी कर रहा है। खुद यूपीटीयू अधिकारियों के मुताबिक कितना भी जल्दी करें लेकिन परीक्षाएं करीब 15 दिन विलंब से ही शुरू हो पाएंगी।
इन अफसरों को हटना होगा
नए शासनादेश केमुताबिक प्रतिनियुक्ति पर एमटीयू से संबद्ध अधिकारियों को अपने मूल विभाग में जाना होगा जबकि कर्मचारी नोएडा कैंपस में समाहित कर दिए जाएंगे।
जेपी पांडेय केएनआईटी सुल्तानपुर, अपर परीक्षा नियंत्रक महेंद्र कुमार बीआईईटी झांसी व संयुक्त परीक्षा नियंत्रक संजय गुप्ता बीआईईटी झांसी से आए थे। इन्हें वहां वापस जाना होगा।
इस समय विश्वविद्यालय में कोई कुलपति नहीं है। पूर्व कुलपति एसके काक का कार्यकाल पहले ही खत्म हो चुका है। वहीं, वित्त एवं रजिस्ट्रार अधिकारी कल्याण सिंह पीसीएस अफसर हैं। उन्हें शासन जहां नियुक्ति देगा, वहां जाएंगे।