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UPTU: नहीं भर रहीं बीटेक की खाली सीटें
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 24 Jul 2014 03:06 AM IST
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इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित हुई राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) की पहले चरण की काउंसलिंग में महज 20 हजार स्टूडेंट्स ने ही अपनी सीट कन्फर्म करवाई हैं।
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ऐसे में उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी बीटेक की आधी से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं। प्राइवेट संस्थानों की हालत तो इससे भी बदतर है।
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कई इंजीनियरिंग कॉलेज तो ऐसे हैं, जहां पर कई ब्रांचों में एक भी स्टूडेंट दाखिले के लिए नहीं आए हैं। दरअसल, काउंसलिंग में 63500 स्टूडेंट्स ने दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था।
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लेकिन इसमें से केवल 40 हजार स्टूडेंट ऐसे थे जिन्होंने अपनी चॉइस लॉक की थी। चॉइस फिलिंग के बाद सीट कन्फर्मेशन के समय यह संख्या भी आधी रह गई।
एसईई के समन्वयक प्रो. जगवीर सिंह ने बताया कि काउंसलिंग में महज 20 हजार स्टूडेंट ही ऐसे हैं जिन्होंने दाखिला लिया है। स्टूडेंट्स को उनकी मेरिट के अनुसार मनपसंद चॉइस अलॉट की गई है।
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी बीटेक जैसे कोर्सेज में सीटें खाली रहने का कारण स्टूडेंट्स द्वारा एसईई काउंसलिंग में दिलचस्पी न दिखाना और चॉइस लॉक करते समय मेरिट के अनुसार ढंग से अपनी मनपसंद सीट न बता पाना है।
यही कारण है कि एसईई काउंसलिंग में इस बार सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों को भी बेरुखी का सामना करना पड़ा है। प्राइवेट संस्थानों में भी सीटें कम भरी हैं।
एचबीटीआई कानपुर में बीटेक की 196 सीटें खाली हैं, आईईटी में भी अभी 220 सीटें खाली हैं। दरअसल बीटेक कोर्सेज में 300 से अधिक इंस्टीट्यूशंस में 141153 से अधिक सीटें हैं।
अभी अगस्त के पहले हफ्ते में दूसरे चरण की काउंसलिंग होनी है।
उन्होंने खाली सीटों पर प्रवेश चाहने वाले स्टूडेंट्स से सेकंड काउंसलिंग की अभी से तैयारी करने को कहा है ताकि उन्हें मनपसंद कॉलेज में आराम से दाखिला मिल सके।
सेकंड काउंसलिंग का शिड्यूल
एसईई की मुख्य काउंसलिंग में जिन स्टूडेंट्स को सीटें नहीं मिली हैं उनके लिए दूसरी काउंसलिंग में अभी मौका है।
ऐसे स्टूडेंट वेबसाइट www.upsee.nic.in पर जाकर सीट मैट्रिक्स का अध्ययन कर लें। इसके बाद वे अपनी रैंक के अनुसार देख लें कि कहां किन कोर्स में उन्हें दाखिला मिल सकता है।
काउंसलिंग कार्यक्रम
5 व 6 अगस्त:रैंक 1 से अंतिम रैंक तक के स्टूडेंट करवाएंगे रजिस्ट्रेशन
9 अगस्त:जारी होगा खाली सीटों का ब्यौरा
9 व 10 अगस्त:ऑनलाइन चॉइस फिलिंग
13 अगस्त:सीट अलॉटमेंट
13 व 14 अगस्त:सीट कन्फर्मेशन
चॉइस देने में स्टूडेंट खा गए गच्चा
एसईई काउंसलिंग में जिन 40 हजार स्टूडेंट्स को सीट अलॉट हुई थी उनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जो अपनी चॉइस ही ढंग से नहीं भर पाए।
यही कारण है कि सीट अलॉटमेंट के बाद महज 20 हजार ने ही अपनी सीट कन्फर्म की। यूपीटीयू प्रशासन ने पहले ही स्टूडेंट्स को सलाह दी थी कि वे अधिक से अधिक विकल्प बताएं।
वह इंस्टीट्यूट के हिसाब से विकल्प व ब्रांच के अनुसार ढेर सारे विकल्प बताएं। मगर स्टूडेंट्स ने चॉइस फिलिंग करते समय कंजूसी बरती। उन्होंने ढंग से चॉइस ही नहीं बताई।
यही कारण है कि स्टूडेंट्स को सीटें नहीं मिल पाई। उदाहरण के तौर पर 11 हजार रैंक वाले स्टूडेंट्स को भी इस काउंसलिंग में कोई सीट नहीं मिल पाई इसका सबसे बड़ा कारण ढंग से विकल्प न भरना है।
जिनकी सीट कन्फर्म अब उनका अपग्रेडेशन नहीं
ऐसे स्टूडेंट जिन्होंने मुख्य काउंसलिंग में अपनी सीट कन्फर्म करवा ली है उन्हें अब अगले राउंड में भाग लेने का मौका नहीं मिलेगा।
वे स्टूडेंट जिनको सीट तो अलॉट हुईं लेकिन उन्होंने सीट कन्फर्मेशन नहीं करवाया वे अगले राउंड में भाग ले सकेंगे। ऐसे में अभी तमाम ऐसे स्टूडेंट हैं जो एसईई काउंसलिंग के सेकंड राउंड में हिस्सा ले सकेंगे।
ऐसे में अब स्टूडेंट बड़ी सावधानी के साथ एसईई की काउंसलिंग में हिस्सा लें।
सरकारी कॉलेजों में सीटें खाली फिर भी प्राइवेट की परिक्रमा
यूपीटीयू ने ऐसे स्टूडेंट को सावधान किया है, जिन्होंने एसईई काउंसलिंग में हिस्सा नहीं लिया है और वह प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों के झांसे में आकर वहां दाखिला ले रहे हैं।
एसईई के समन्वयक प्रो. जगवीर सिंह का कहना है कि काउंसलिंग के माध्यम से दाखिला लेना ही सबसे अच्छा विकल्प है। अभी तो सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में ही सीटें रिक्त चल रही हैं।
ऐसे में इन स्टूडेंट्स को चाहिए कि वे अपनी रैंक के अनुसार अगली काउंसलिंग में भाग लें। क्योंकि काउंसलिंग से दाखिला लेने पर उन्हें निर्धारित फीस ही जमा करनी होगी।
उन्हें काउंसलिंग से दाखिला लेने पर पूरी पारदर्शिता से दाखिला मिलेगा। उधर, प्राइवेट कॉलेजों ने अपनी सीटें भरने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन देना शुरू कर दिया है।
ऐसे में स्टूडेंट वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन ब्यौरे की खुद एनॉलिसिस कर लें इसके बाद वे पूरी तैयारी से काउंसलिंग के दूसरे राउंड में शामिल हों।