{"_id":"52eb04f21403855060fbd29c60a0c861","slug":"students-protest-for-special-carry-over-exam","type":"story","status":"publish","title_hn":" अधर में जीबीटीयू के सैकड़ों छात्रों का भविष्य","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
अधर में जीबीटीयू के सैकड़ों छात्रों का भविष्य
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ
Updated Tue, 08 Oct 2013 02:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय (जीबीटीयू) में सोमवार को विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों से आए करीब 200 छात्रों ने हंगामा किया।
विज्ञापन
छात्र स्पेशल कैरी ओवर परीक्षा करवाने की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर छात्र गेट के सामने धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
हंगामे के चलते सुरक्षाकर्मियों ने गेट पर ताला लगा दिया। कुछ देर बाद छात्रों के पक्ष में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्त्ता भी पहुंच गए।
स्थिति को बिगड़ता देख जीबीटीयू प्रशासन के अधिकारियों ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया। कुलपति डॉ. आरके खांडल और अपर परीक्षा नियंत्रक डॉ. विक्रम सिंह ने छात्रों से मुलाकात की।
विज्ञापन
जीबीटीयू से संबद्ध विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के ये छात्र वर्ष 2011-12 व वर्ष 2012-13 में अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा पास कर चुके हैं लेकिन छात्रों के पिछले सेमेस्टरों में बैक पेपर है।
विज्ञापन
किसी का सेकंड ईयर में बैक पेपर है तो किसी के थर्ड ईयर में। बैक पेपर में पास न होने के कारण इनकी डिग्री अटकी हुई है। ऐसे में छात्रों का पूरा कॅरिअर दांव पर लगा हुआ है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों में दीवान कॉलेज मेरठ, बाबू बनारसी दास इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रियदर्शिनी कॉलेज नोएडा, गलगोटिया कॉलेज नोएडा, जीएलए कॉलेज मथुरा सहित कई जिलों के इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र पहुंचे।
एबीवीपी के नेता नितिन मित्तल ने कहा कि छात्रों की मांग जायज है। विवि प्रशासन जानबूझकर इस पर ढुलमुल रवैया अपना रहा है। अगर मामले में जल्द ही कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो वे लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
वहीं छात्रों का कहना था कि वे लोग मंगलवार को इस मसले पर प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा से मुलाकात कर विशेष कैरी ओवर परीक्षा करवाने की मांग करेंगे।