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बीबीएयू में 25 प्रोफेशनल कोर्स हुए स्थगित
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 23 Jul 2014 04:00 AM IST
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राजधानी में इस बार भी स्टूडेंट्स ने प्रोफेशनल कोर्सेज से दूरी बनाए रखी। उन्हें इन कोर्सेज में आवेदन करना रास नहीं आया है।
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स्टूडेंट्स की बेरुखी के कारण एलयू में करीब दो दर्जन ऐसे कोर्स हैं जो इस बार भी स्थगित हो सकते हैं।
वहीं, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में करीब 25 कोर्सेज को एक साल के लिए बंद कर दिया गया है।
बीबीएयू प्रशासन का कहना है कि अगर इन कोर्सों में अगले साल स्टूडेंट्स ने रुचि दिखाई तो फिर से इन्हें शुरू करने पर विचार किया जाएगा।
बीबीएयू में इन कोर्सेज को चलाने के लिए कम से कम तीन बार आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई है।
देश भर में कई केंद्रों पर ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई ताकि स्टूडेंट इस ओर आकर्षित हो सकें।
मगर तमाम प्रयासों के बावजूद बीबीएयू में इस बार 63 में से 25 कोर्स नहीं चल पाए।
एलयू में पीजी, डिप्लोमा, प्रोफिशिएंसी कोर्सेज में दाखिले के लिए ऐसे स्टूडेंट जिन्होंने सोमवार को ऑनलाइन आवेदन शुल्क भर दिया था वे अब बुधवार की रात तक ऑनलाइन आवेदन फार्म भर सकेंगे।
मगर अभी जो तस्वीर है उससे साफ जाहिर है कि यहां पर करीब दो दर्जन कोर्स इस बार बंद होंगे। इन कोर्सेज को यूनिवर्सिटी प्रशासन को एक साल तक के लिए स्थगित रखना पड़ेगा।
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एलयू प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार जिन कोर्सेज में कुल सीटों की 40 प्रतिशत सीटें भरेंगी, उन्हें ही चलाया जाएगा। इसके लिए नियम स्पष्ट है।
अभी तक एलयू में दाखिले के लिए 150 से अधिक कोर्सेज की कुल 5500 सीटों के मुकाबले 11663 ऑनलाइन आवेदन फार्म आए हैं, लेकिन प्रोफेशनल कोर्स की हालत बेहद खराब है।
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परंपरागत कोर्सेज में दाखिले के लिए जहां पर स्टूडेंट्स की भीड़ है वहीं पर प्रोफेशनल कोर्सेज में करीब 25 कोर्स ऐसे हैं जिनमें सीटों के मुकाबले काफी कम आवेदन फार्म आए हैं।
ऐसे में अब इन कोर्सेज को एक बार फिर चलाने की कोशिश एलयू करेगा। वह पीजी कोर्सेज में दाखिले की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभागों में कोर्सेज की खाली सीटों पर ऑफ लाइन आवेदन लेगा।
इसके बाद सीटों को भरने की दोबारा कोशिश की जाएगी। इधर बीबीएयू प्रशासन का कहना है कि जो 25 कोर्स बंद किए गए हैं उनमें कुल सीटों में से नियमानुसार 50 प्रतिशत सीटें नहीं भर पाएंगी।
क्योंकि इनमें सीटों के मुकाबले काफी कम आवेदन फार्म आए हैं। ऐसे में अब इन्हें एक साल तक के लिए बंद कर दिया जाएगा।
एलयू बंद हो रहे कोर्सेज को बचाने की करेगा कोशिश
एलयू में जिन कोर्सेज में कुल सीटों के मुकाबले 40 प्रतिशत सीटें नहीं भर पा रही हैं उन्हें दोबारा भरने के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एलयू प्रशासन का कहना है कि अभी पीजी कोर्सेज में ऑनलाइन दाखिले की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग स्तर पर दोबारा स्टूडेंट्स से प्रार्थना पत्र लिए जाएंगे।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का मानना है कि ऐसे तमाम स्टूडेंट हैं जिन्हें परंपरागत कोर्सेज में दाखिला नहीं मिलेगा तो वह प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले के लिए इच्छुक होंगे।
ऐसे में अभी जो कोर्स बंद होते नजर आ रहे हैं वह भविष्य में चल सकते हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स को विभागाध्यक्ष को सीधे एक प्रार्थना पत्र देना होगा।
विभागाध्यक्ष स्टूडेंट्स की मेरिट देखकर उसे दाखिले के लिए अर्ह घोषित कर देगा। इसके बाद जो कोर्स बंद होंगे उनके स्टूडेंट्स को आवेदन फार्म की कीमत वापस करने पर विचार किया जाएगा।
बीबीएयू स्टूडेंट्स को रिटर्न करेगा एप्लीकेशन फीस
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में बंद हो रहे 25 कोर्सेज में आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स को आवेदन शुल्क वापस कर दिया जाएगा।
यहां पर सामान्य व ओबीसी के स्टूडेंट्स के लिए 1500 रुपये आवेदन शुल्क था और एससी-एसटी के अभ्यर्थियों के लिए 750 रुपये था।
अब बीबीएयू प्रशासन इन कोर्सेज में दाखिला के लिए आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स को फीस वापस कर देगा।
विवि प्रशासन का कहना है कि इस बार भले ही यह कोर्स नहीं चल पाए लेकिन आगे यह कोर्स चलाने की कोशिश की जाएगी। आगे कोर्सेज का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
कुछ कोर्स बॉर्डर लाइन पर आकर रुके
बीबीएयू के जिन कोर्सेज पर ताला लटका है उनमें कुछ कोर्स तो मात्र 1-2 आवेदन कम होने की वजह से ही बंद करने पड़े हैं।
विश्वविद्यालय के नियमानुसार इनोवेटिव कोर्स में केवल उन्हीं का संचालन किया जाना था।
जिनमें न्यूनतम 50 फीसदी आवेदन आएं। एमए/ एमएससी एंथ्रोपोलॉजी और रिजेनरेटिव बायोलॉजी एंड टिशू इंजीनियरिंग दो ऐसे कोर्स हैं जिनमें मात्र 1-1 आवेदन कम होने से इनको बंद किया गया।
इसी तरह एमए इन सोशल साइंस व क्लाइमेट चेंज एंड बायोडायवर्सिटी मात्र 2-2 आवेदनों, टूरिज्म मैनेजमेंट 3 आवेदनों और फाइनेन्शियल इकोनॉमिक्स सिर्फ 4 आवेदनों की कमी केचलते बंद हो गए।
नहीं भाए कला के कोर्स
कला से संबंधित कोर्सेज में अभ्यर्थियों का रुझान बिलकुल ठंडा रहा। इंस्ट्रूमेन्टल म्यूजिक और पेंटिंग, स्कल्पचर क्लासिक आर्ट में आवेदन का खाता भी नहीं खुला तो एमपीए क्लासिक डांस एंड कथक और एप्लाइड आर्ट में मात्र 1-1 ही आवेदन आया।
इन कोर्सेज को बीबीएयू ने पिछले साल भी चलाने की कोशिश की थी लेकिन उस बार भी यह नहीं चल पाए थे। ऐसे में अब इन्हें फिर से अगले साल चलाने की कोशिश की जाएगी।