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एचपीयू विकास फंड वसूलना बना गले की फांस

Sat, 29 Nov 2014 01:27 PM IST
Updated Sat, 29 Nov 2014 01:27 PM IST
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students denied to pay  development fund in himachal pradesh university.

प्रदेश विश्वविद्यालय के अक्तूबर माह में जारी यूनिवर्सिटी विकास फंड देने को छात्र तैयार नहीं हैं। यूनिवर्सिटी के विकास के लिए कॉलेज छात्रों से पांच सौ और आईआरडीपी तथा बीपीएल परिवार से संबंधित छात्रों से ढाई सौ रुपये सालाना शुल्क इस सत्र से वसूला जाएगा। अगले साल से इस पर भी असमंजस है। कुछ को छोड़कर अधिकतर कॉलेजों ने फंड वसूल करना शुरू नहीं किया है। सेंटर आफ एक्सीलेंस कॉलेज ने इसकी शुरुआत की लेकिन छात्रों ने इसे सिरे से नकार दिया।

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अब तक एक भी छात्र ने शुल्क अदा नहीं किया। हालांकि कॉलेज छात्रों ने सत्र के अंत में ली जाने वाली फीस और फाइन दे दिया है। लेकिन इस नये शुल्क को नहीं दिया। कॉलेज की एनएसयूआई इकाई शुल्क लेने के आदेशों को वापस लेने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंप चुकी है। एसएफआई और एबीवीपी भी यूनिवर्सिटी को इस तरह का कोई शुल्क देने से इनकार कर रही है।
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छात्रों ने एक जुटता का प्रमाण देते हुए छात्रों पर आर्थिक बोझ डालने के इस फरमान का लगातार संगठन विरोध कर रहे हैं। संजौली कॉलेज प्राचार्य डा. जेएस नेगी का कहना है कि विवि के आदेशों के मुताबिक फंड लेने को नोटिस लगा दिया था। लेकिन छात्र इस शुल्क को नहीं दे रहे हैं। वे इसका विरोध कर रहे हैं। रोज इसको लेकर संगठन कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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छात्र संगठन बोले क्यों दें फंड

students denied to pay  development fund in himachal pradesh university.

कोटशेरा कॉलेज के प्राचार्य डा. उमा रणदेव ने कहा कि विवि से जारी आदेशों में स्थिति साफ नहीं है कि यह फंड इस सत्र से लिया जाना है। सत्र का मुश्किल से एक माह बचा है। इसलिए फिलहाल फंड लेना शुरू नहीं किया है। आरकेएमवी की प्राचार्य प्रो. मीरा वालिया ने कहा कि जल्द इसको लेकर नोटिस लगा दिया जाएगा।

एसएफआई के राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल ने कहा कि कॉलेज छात्र से पहले ही कई तरह से फंड वसूले जाते हैं। अब छात्र विवि के विकास के लिए फं ड क्यों दें। इसका विरोध प्रदेश में जारी रहेगा। एबीवीपी के प्रांत मंत्री आशीष सिक्टा ने इस फंड को लेने का कड़ा विरोध किया जाएगा। एबीवीपी इसको लेकर आम छात्रों को जागरूक करेगी।

कॉलेज के छात्र पहले ही पीटीए फंड के रूप में दो सौ, विवि रजिस्ट्रेशन, कंटीन्यूशन फीस, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए फंड देते आ रहे हैं। इसके साथ ही विवि को परीक्षा संचालित करने को परीक्षा फीस भी अलग से अदा करते हैं।

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